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महिला ने रची अपने गैंग रेप की साजिश प्राइवेट पार्ट में खुद डाली थी लोहे की रॉड

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पुलिस के मुताबिक महिला ने थाना वेलकम दिल्ली के कबीरनगर निवासी अपने प्रेमी आजाद के साथ मिलकर घटना का षड्यंत्र रचा था। इसके बाद आजाद ने अपने दो दोस्तों गौरव निवासी आश्रम शिवम गार्डन अच्छा थाना बादलपुर और अफजाल निवासी कैला भट्ठा, नगर कोतवाली गाजियाबाद को साजिश में शामिल किया था। केस में नामजद किए गए शाहरुख और उसके भाई जावेद से महिला का मकान को लेकर विवाद चल रहा है। इसी मकान को कब्जाने के लिए गैंगरेप का षड्यंत्र रचा गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आजाद प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है, जबकि गौरव विजय नगर थाना क्षेत्र में फोटोग्राफी की दुकान चलाता है। अफजाल नाली-खड़ंजे बनाने की ठेकेदारी करता है। जिस मकान में शाहरुख और उसका परिवार रहता है, उस मकान का सौदा आजाद ने ही दीपक जोशी नाम के व्यक्ति से कराया था। इसी के चलते महिला ने शाहरुख और उसके भाई समेत पांच लोगों को सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी बनाया।

दूसरा आरोपी गौरव महिला का रिश्तेदार है। गौरव की कार का इस्तेमाल महिला को गाजियाबाद और दिल्ली लाने ले जाने के लिए किया गया था। पुलिस ने यह गाड़ी भी बरामद कर ली है। इसके अलावा षड्यंत्र रचने में इस्तेमाल की गई कुछ और सामग्री भी पुलिस ने जब्त की है।

दो दिन प्रेमी के साथ अपने फ्लैट में रही थी महिला
पुलिस ने बताया कि 16 अक्टूबर की रात साढ़े आठ बजे महिला का भाई उसे नंदग्राम में आश्रम रोड पर ऑटो में बैठाकर आया था। भाई के जाने के बाद महिला ऑटो से उतर गई और साजिश के तहत अपने प्रेमी और उसके दोस्तों को बुला लिया और उनके साथ जीटीबी एंक्लेव में स्थित अपने जनता फ्लैट में चली गई। दो दिन तक महिला वही रही और अपने प्रेमी से उसने संबंध बनाए।

पांच हजार में दिया था मामले को तूल दिलाने का ठेका
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आजाद ने कुछ लोगों को पेटीएम के जरिए पेमेंट किया था। उनमें से एक व्यक्ति को उसने गैंगरेप की फर्जी घटना को सोशल मीडिया पर तूल दिलाने का ठेका दिया था। जिस वक्त महिला को बोरे में बंद करके कार से नंदग्राम थानाक्षेत्र में फेंका गया, ठेका लेने वाला युवक मौके पर मौजूद था। उसने महिला की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की थी। इसमें उसमें गाजियाबाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे।

महिला ने शरीर में खुद डाला था लोहे का पार्ट
बोरे में बंद मिली महिला को पुलिस जिला अस्पताल ले गई। वहां महिला ने खुद का उपचार कराने से मना कर दिया पुलिस ने मेरठ मेडिकल रेफर कराने के लिए कहा तो इसके लिए भी इंकार कर दिया। महिला ने खुद को अपनी मर्जी से दिल्ली जीटीबी अस्पताल में रेफर कराया। पुलिस का कहना है कि साजिश के तहत महिला और उसके प्रेमी ने इलेक्ट्रिकल दुकान से लोहे का एक पार्ट खरीदा था। जीटीबी अस्पताल पहुंचते ही महिला ने खुद ही लोहे के उस पार्ट को अपने शरीर में डाल लिया

महिला के प्रेमी आजाद ने अलग-अलग नाम और पते पर अपने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनाए हुए हैं। उन्हीं के आधार पर उसने फर्जी आईडी पर सिम कार्ड लिया था। जिस दिन महिला को अगवा दिखाया गया, उसी दिन आजाद ने अपना यह सिम कार्ड एक्टिव किया था। पुलिस का कहना है कि महिला और उसके प्रेमी समेत अन्य आरोपियों ने पुलिस की विवेचना में बाधा डाली। साथ ही, झूठी घटना दिखाकर बेकसूर युवकों को फंसाने की साजिश रची। इसके संबंध में महिला, उसके प्रेमी और अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

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