अपराध
बर्खास्त : जंतर-मंतर पर वर्दी में विरोध पड़ा भारी, पिथौरागढ़ का सिपाही सेवा से बर्खास्त
बर्खास्त : जंतर-मंतर पर वर्दी में विरोध पड़ा भारी, पिथौरागढ़ का सिपाही सेवा से बर्खास्त
पिथौरागढ़। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान वर्दी पहनकर पहुंचना और सार्वजनिक रूप से इस्तीफे की घोषणा करना उत्तराखंड पुलिस के एक सिपाही को भारी पड़ गया। पिथौरागढ़ पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल शेर सिंह को विभागीय अनुशासन और सेवा आचरण के नियमों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
पुलिस विभाग के अनुसार हरिद्वार निवासी शेर सिंह 28 जून से बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे थे। लगातार गैरहाजिर रहने पर 20 जुलाई को उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई। इसी बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र आंदोलन में वर्दी पहनकर उनकी मौजूदगी और विभाग के खिलाफ दिए गए बयान भी जांच का हिस्सा बने।
पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच के दौरान सिपाही का सेवा आचरण संतोषजनक नहीं पाया गया। विभागीय नियमों के उल्लंघन, अनुशासनहीनता और पुलिस सेवा की गरिमा के विपरीत आचरण को गंभीर मानते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच के दौरान उनके आपराधिक मामलों से जुड़े इनपुट और कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से संपर्क की जानकारी भी सामने आई, जिसे विभाग ने गंभीरता से लिया।
घटनाक्रम एक नजर में
28 जून: बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित।
20 जुलाई: विभाग ने निलंबित किया।
दिल्ली: जंतर-मंतर पर वर्दी में पहुंचकर इस्तीफे का ऐलान और विभाग पर लगाए आरोप।
अब: विभागीय जांच पूरी होने के बाद पुलिस सेवा से बर्खास्त।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस में अनुशासन सर्वोपरि है और सेवा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
