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नानकमत्ता धर्मांतरण मामला: लापरवाही पर थानाध्यक्ष हटाई गई, जांच तेज
नानकमत्ता धर्मांतरण मामला: लापरवाही पर थानाध्यक्ष हटाई गई, जांच तेज
उधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता क्षेत्र में कथित धर्मांतरण मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में लापरवाही बरतने के आरोपों के बीच नानकमत्ता थानाध्यक्ष का तबादला कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि पिछले करीब एक महीने से हिंदुत्वनिष्ठ संगठन क्षेत्र में ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण के आरोप लगाते हुए लगातार विरोध कर रहे थे। इस संबंध में पुलिस प्रशासन को भी सूचित किया गया था, लेकिन आरोप है कि थानाध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब विरोध कर रहे संगठनों के खिलाफ ही क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कर दी गई। इसके बाद संगठनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया। बढ़ते विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन हरकत में आया और जिलाधिकारी ने एडीएम पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में जांच समिति गठित कर दी।
जांच समिति ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि नवीनगर और आसपास के क्षेत्रों में बाहरी लोगों द्वारा प्रार्थना सभाओं के माध्यम से धर्मांतरण के प्रयास किए जा रहे थे। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।
इसी बीच खुफिया विभाग की रिपोर्ट में भी मिशनरियों की गतिविधियों को लेकर जानकारी मिलने के बाद पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष मंजू बिष्ट का तबादला कर दिया है और उनकी जगह संजय पाठक को नानकमत्ता का नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।
वहीं, हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों का आरोप है कि थारू-बुक्सा जनजाति क्षेत्र में प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि लोगों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि यदि कोई पूछे तो इसे ‘पूजा पद्धति में बदलाव’ बताया जाए।
गौरतलब है कि प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर बने सख्त कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही जनजातीय समुदायों को मिलने वाली आरक्षण और अन्य सरकारी सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस दोनों सतर्क हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
