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बड़ी खबर : एथेनॉल पर भ्रामक वीडियो पड़े भारी! सरकार की नीति पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई, 4 इन्फ्लुएंसर्स पर FIR
एथेनॉल पर भ्रामक वीडियो पड़े भारी! सरकार की नीति पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई, 4 इन्फ्लुएंसर्स पर FIR
यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर नितिन गडकरी, टोयोटा और एथेनॉल नीति को लेकर कथित भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप, साइबर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा।
नागपुर। केंद्र सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक या अपुष्ट जानकारी साझा करना अब भारी पड़ सकता है। नागपुर साइबर पुलिस ने ऐसे ही एक मामले में यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि इन इन्फ्लुएंसर्स ने सोशल मीडिया पर एथेनॉल, टोयोटा और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से जुड़ी कथित भ्रामक सामग्री प्रसारित की, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। मामला भाजपा सोशल मीडिया सेल, नागपुर के शहर अध्यक्ष शिशिर त्रिपाठी की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
एफआईआर में मनीष कश्यप के अलावा देसी बॉयसर, हर्षित राठी और अंकलेश इनवेट के नाम शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 352, 356 और 296 के साथ आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब एथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20) को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे। आरोप है कि इन वीडियो में एथेनॉल और उससे चलने वाले वाहनों के संबंध में भ्रामक दावे किए गए। इसी आधार पर शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले को सोशल मीडिया पर तथ्यहीन या भ्रामक दावे करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होना आरोप सिद्ध होना नहीं है और मामले की जांच जारी है।
