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विधायक सुरेश गढ़िया ने वायरल वीडियो को बताया सुनियोजित साजिश, बोले— “विकास कार्यों से घबराए लोग फैला रहे हैं भ्रम
विधायक सुरेश गढ़िया ने वायरल वीडियो को बताया सुनियोजित साजिश, बोले— “विकास कार्यों से घबराए लोग फैला रहे हैं भ्रम”
बागेश्वर। कपकोट से भाजपा विधायक सुरेश गढ़िया ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों को लेकर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए पूरे घटनाक्रम को उनके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव को नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित साजिश बताया है। विधायक का कहना है कि उनके खिलाफ झूठा और भ्रामक प्रचार कर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उन्होंने शुरुआत से ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विधायक सुरेश गढ़िया ने कहा कि जिस दिन पहली बार सोशल मीडिया पर एक तस्वीर को उनके नाम से जोड़कर वायरल किया गया, उसी समय उन्होंने तत्कालीन पुलिस महानिदेशक को अपने निजी सचिव के माध्यम से शिकायत भेजी थी। उस समय वह हिमाचल प्रदेश में पार्टी की चुनावी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। देहरादून लौटने के बाद उन्होंने स्वयं भी पुलिस अधिकारियों को पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया।
गढ़िया का कहना है कि बाद में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल किए गए, जिनमें उनके बारे में भ्रामक बातें प्रसारित की गईं। उन्होंने बताया कि उन्होंने कपकोट पुलिस, पुलिस अधीक्षक बागेश्वर तथा अन्य अधिकारियों को लगातार लिखित शिकायतें भेजीं। वायरल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और उनसे जुड़े स्क्रीनशॉट भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
विधायक ने कहा कि उन्होंने कई बार पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया कि सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार उन्होंने संबंधित अधिकारियों से फोन पर भी कई बार बातचीत की और आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध कराए।
सुरेश गढ़िया ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति लगातार विभिन्न स्थानों पर वीडियो बनाकर उन्हें फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर रहा है। विधायक का कहना है कि उन्होंने उस व्यक्ति के संबंध में भी कई बार पुलिस को जानकारी दी, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।
विधायक ने कहा कि कपकोट विधानसभा में लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं और जनता का सहयोग उन्हें लगातार मिल रहा है। उनका मानना है कि यही कारण है कि कुछ लोग राजनीतिक दुर्भावना के चलते उनके खिलाफ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास की गति को रोकने और उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से इस प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, लेकिन जनता सच्चाई को अच्छी तरह समझती है।
गढ़िया ने दोहराया कि उन्होंने पूरे प्रकरण में कहीं भी जांच से बचने का प्रयास नहीं किया, बल्कि सबसे पहले स्वयं पुलिस से निष्पक्ष और गहन जांच कराने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि यदि किसी के पास कोई तथ्य या प्रमाण हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि सच सामने आ सके और निराधार आरोपों का भी खुलासा हो।
उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच करेगा और तथ्यों के आधार पर सत्य को जनता के सामने लाएगा। विधायक ने कहा कि उन्हें कानून और जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है तथा सच्चाई सामने आने के बाद उनके खिलाफ फैलाए जा रहे भ्रम स्वतः समाप्त हो जाएंगे।
फिलहाल मामले की जांच पुलिस के स्तर पर जारी है। अभी तक वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है। विधायक सुरेश गढ़िया का कहना है कि उन्हें न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है तथा जांच के बाद सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी।

