अपराध
बदरीनाथ चढ़ावा कांड में BKTC की बड़ी कार्रवाई: खजांची हटाया, कई और कर्मचारी जांच के घेरे में
बदरीनाथ चढ़ावा कांड में BKTC की बड़ी कार्रवाई: खजांची हटाया, कई और कर्मचारी जांच के घेरे में
देहरादून। बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई कर दी है। दान गणना रजिस्टर में अनियमितताएं मिलने के बाद खजांची संदेश मेहता को तत्काल प्रभाव से दान गणना की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। उनकी जगह पूजा कार्यालय में तैनात केदार सिंह रावत को नया खजांची बनाया गया है। इसके साथ ही मामले में कई अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
मंगलवार को गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय जांच समिति बदरीनाथ धाम पहुंची। समिति ने दान गणना की पूरी प्रक्रिया, गणना कक्ष की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चढ़ावे में गड़बड़ी किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है।
उधर, बीकेटीसी की आंतरिक जांच में दान गणना रजिस्टर के रखरखाव और अभिलेखों में कई खामियां सामने आईं। इसी आधार पर खजांची संदेश मेहता को उनके पद से हटाकर पूजा कार्यालय में तैनात कर दिया गया। उनकी जगह केदार सिंह रावत को दान गणना की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने खजांची को हटाए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि रजिस्टर में मिली कमियों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा प्रकरण में ड्यूटी के दौरान लापरवाही या संदिग्ध भूमिका वाले कई अन्य कर्मचारियों को भी जल्द कारण बताओ नोटिस जारी किए जा सकते हैं। फिलहाल मामले की जांच तीन स्तरों पर चल रही है। बीकेटीसी की आंतरिक समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर चुकी है, जबकि पुलिस और शासन स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति भी पूरे घटनाक्रम की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।
बदरीनाथ धाम जैसे देश के प्रमुख आस्था केंद्र में चढ़ावे से जुड़े इस मामले ने श्रद्धालुओं के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
