अंतर्राष्ट्रीय
नेपाल में राजनीतिक भूचाल, पूर्व पी एम केपी शर्मा ओली गिरफ्तार
नेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री KP Sharma Oli को पिछले साल हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शनों में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। नई सरकार के गठन के तुरंत बाद हुई इस कार्रवाई से देश में सियासी हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि ओली के साथ उनके पूर्व गृहमंत्री Ramesh Lekhak को भी हिरासत में लिया गया है। काठमांडू पुलिस के अनुसार दोनों को सुबह गिरफ्तार किया गया और अब उनसे पूछताछ के साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
गौरतलब है कि सितंबर 2025 में नेपाल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें जेन-जी आंदोलन कहा गया। युवाओं के नेतृत्व में शुरू हुआ यह आंदोलन अचानक हिंसक हो गया था और दो दिनों के भीतर 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद तत्कालीन ओली सरकार पर गंभीर सवाल उठे थे और अंततः उनकी सरकार गिर गई थी।
हाल ही में गठित उच्च स्तरीय जांच आयोग की रिपोर्ट में सामने आया कि उस समय शीर्ष स्तर पर हालात को संभालने में लापरवाही बरती गई। आयोग ने ओली और Ramesh Lekhak समेत कई अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की थी, जिसमें अधिकतम 10 साल की सजा तक का प्रावधान बताया गया है।
नई सरकार का नेतृत्व कर रहे Balen Shah ने साफ किया है कि यह कार्रवाई किसी बदले की भावना से नहीं बल्कि कानून के तहत की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं ओली ने अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है और इसे अदालत में चुनौती देने की बात कही है।
इस पूरे मामले में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है, जिससे आने वाले दिनों में नेपाल की राजनीति में और उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
