Connect with us

अंतर्राष्ट्रीय

नेपाल में शिक्षा क्रांति—बालेन शाह सरकार का बड़ा एक्शन, छात्र राजनीति पर बैन से लेकर 5वीं तक परीक्षा खत्म

नेपाल में शिक्षा क्रांति—बालेन शाह सरकार का बड़ा एक्शन, छात्र राजनीति पर बैन से लेकर 5वीं तक परीक्षा खत्म

काठमांडू | 29 मार्च 2026

बालेन शाह के नेतृत्व में नेपाल सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़े और व्यापक बदलावों का ऐलान किया है। सरकार ने ‘100 दिवसीय एक्शन प्लान’ जारी कर साफ कर दिया है कि अब देश के स्कूल और विश्वविद्यालय राजनीति से दूर रहकर केवल शिक्षा के केंद्र के रूप में काम करेंगे।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य शिक्षा को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करना, अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप बनाना और छात्रों को बेहतर भविष्य देना है।

🔴 छात्र राजनीति पर पूरी तरह प्रतिबंध

नई नीति के तहत अब किसी भी शैक्षणिक संस्थान में राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों की गतिविधियां पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। सरकार ने 60 दिनों के भीतर ऐसे सभी संगठनों को कैंपस से अपने कार्यालय और ढांचे हटाने का निर्देश दिया है।

सरकार का मानना है कि छात्र राजनीति के कारण पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता था और शैक्षणिक सत्र में देरी होती थी।

🟢 ‘स्टूडेंट काउंसिल’ बनाएगी छात्रों की आवाज

राजनीतिक संगठनों की जगह अब गैर-राजनीतिक ‘स्टूडेंट काउंसिल’ बनाई जाएगी, जो छात्रों की समस्याओं और सुझावों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाएगी। यह व्यवस्था अगले 90 दिनों में लागू की जाएगी।

🔵 विदेशी नाम वाले स्कूलों पर सख्ती

सरकार ने ‘ऑक्सफोर्ड’, ‘सेंट जेवियर्स’ जैसे विदेशी नामों से चल रहे स्कूलों को इस साल के भीतर अपने नाम बदलकर स्थानीय नेपाली पहचान अपनाने का निर्देश दिया है।

इस फैसले का मकसद राष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा देना और शिक्षा को स्थानीय संस्कृति से जोड़ना बताया गया है।

🟡 5वीं तक ‘नो एग्जाम’ नीति लागू

बच्चों के मानसिक दबाव को कम करने के लिए कक्षा 5 तक पारंपरिक परीक्षाएं खत्म कर दी गई हैं। अब उनकी प्रगति का मूल्यांकन वैकल्पिक तरीकों—जैसे प्रोजेक्ट, गतिविधियों और निरंतर आकलन—से किया जाएगा।

🟣 उच्च शिक्षा में नागरिकता की बाध्यता खत्म

स्नातक स्तर तक पढ़ाई के लिए नेपाली नागरिकता की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी जो दस्तावेजों के अभाव में शिक्षा से वंचित रह जाते थे।

⚫ समय पर परीक्षा और रिजल्ट अनिवार्य

सरकार ने विश्वविद्यालयों को सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा और परिणाम तय शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार ही जारी किए जाएं। देरी होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

📊 शिक्षा से ‘सिंडिकेट’ खत्म करने की कोशिश

सरकार का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में देरी, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार की एक बड़ी वजह राजनीतिक हस्तक्षेप और सिंडिकेट सिस्टम रहा है। नए फैसलों से इसे खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

📌 क्यों अहम है यह फैसला?

नेपाल में लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था राजनीतिक प्रभाव और देरी से जूझ रही थी। हर साल हजारों छात्र सत्र में देरी के कारण विदेशों का रुख कर लेते हैं।

सरकार को उम्मीद है कि इन सुधारों से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी बल्कि छात्रों का भरोसा भी देश की व्यवस्था पर बढ़ेगा।

👉 कुल मिलाकर, नेपाल में बालेन शाह सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले वर्षों में साफ दिखाई दे सकता है।

Continue Reading

More in अंतर्राष्ट्रीय

Recent Posts

Facebook

Trending Posts