उत्तराखण्ड
2027 से पहले उत्तराखंड में भाजपा का नया संगठनात्मक दांव, राम माधव को प्रभारी की कमान, इन दो नेताओं को मिली सह प्रभारी की जिम्मेदारी
देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड संगठन के लिए नई जिम्मेदारियों का ऐलान किया है। पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को उत्तराखंड का प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को सहप्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा उत्तराखंड ने नियुक्तियों पर तीनों नेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि उनके अनुभव और संगठनात्मक कौशल से बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूती मिलेगी।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे संगठन के केंद्र में आ चुकी हैं। भाजपा पहले ही अगस्त-सितंबर के लिए बूथ सशक्तीकरण, शक्ति केंद्रों की बैठक और घर-घर संपर्क जैसे कार्यक्रमों का संगठनात्मक कैलेंडर जारी कर चुकी है।
राम माधव की वापसी के बाद उत्तराखंड में बड़ी जिम्मेदारी
राम माधव के चयन को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे संगठनात्मक अनुभव वाले नेता हैं। अगस्त 2026 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था। इससे पहले राम माधव भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और पूर्वोत्तर तथा जम्मू-कश्मीर में पार्टी के विस्तार से जुड़े रहे हैं।
ऐसे में उत्तराखंड जैसे छोटे लेकिन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी उन्हें दिए जाने से आने वाले महीनों में संगठनात्मक गतिविधियों पर उनका फोकस बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और चुनावी तैयारियों को जमीन तक पहुंचाना प्रभारी की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।
मेनन का संगठनात्मक अनुभव, बांसुरी के जरिए युवा चेहरा
अरविंद मेनन भी लंबे समय तक आरएसएस और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में काम कर चुके हैं। मध्य प्रदेश में उन्होंने लंबे समय तक संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाली और बाद में भाजपा के केंद्रीय संगठन में भी भूमिका निभाई।
वहीं बांसुरी स्वराज नई पीढ़ी के भाजपा नेतृत्व का प्रमुख चेहरा हैं। वह नई दिल्ली से लोकसभा सांसद हैं और 2024 में पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुईं। संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार वह कानून की पढ़ाई कर चुकी हैं और वर्तमान लोकसभा में विभिन्न संसदीय समितियों की सदस्य हैं।
हल्द्वानी की बैठक के बाद अब अगला फोकस चुनावी संगठन पर
कुछ दिन पहले ही हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं ने प्रदेश संगठन को लेकर मंथन किया था।
इसके बाद प्रभारी और सहप्रभारियों की नई टीम का ऐलान होना संगठन के लिहाज से अगले चरण की ओर संकेत करता है। अब चुनौती केवल प्रदेश स्तर की बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार और संगठन के संदेश को बूथ तथा मतदाता स्तर तक पहुंचाने की है।
यही वजह है कि नई टीम की भूमिका 2027 के चुनाव से पहले खास मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज को संगठन के जरिए जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं की सक्रियता, बूथ समितियों की मजबूती और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक फीडबैक जुटाना आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा।
उत्तराखंड भाजपा के लिए अब सरकार के कामकाज, संगठन की चुनावी तैयारी और बूथ स्तर की सक्रियता—इन तीनों के बीच बेहतर तालमेल बनाना नई प्रभारी टीम की बड़ी जिम्मेदारी होगी। आगामी महीनों में राम माधव, अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज का उत्तराखंड में दौरा और संगठनात्मक बैठकों का सिलसिला इस नई रणनीति की दिशा को और स्पष्ट करेगा।

