अपराध
वीडियो वायरल….कैबिनेट मंत्री के घरेलू हिंसा के आरोपों से सनसनी… पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट, वीडियो डाला और उनके छलके आंसू
कैबिनेट मंत्री के एक ऑडियो ने झकझोरा! वैवाहिक जीवन पर उठे सवाल तो बच्चों की सुरक्षा के लिए पहुंचीं पुलिस के पास
**भावुक वीडियो जारी कर छलका महिला मंत्री का दर्द, बोलीं— घरेलू अत्याचार सहना नहीं, कहना है; आखिर ऑडियो में ऐसा क्या है जिसने रिश्तों पर खड़े कर दिए सवाल?**
**देहरादून।** उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री के एक ऑडियो को लेकर सामने आए बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। महिला मंत्री ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि इस ऑडियो ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। उनके मुताबिक, इसने उनके रिश्ते, जीवन और वैवाहिक जीवन के प्रति उनके समर्पण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए पुलिस में तहरीर देने की बात भी कही है।
महिला मंत्री के इस बयान में दर्द, भावनात्मक संघर्ष और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता साफ झलकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सच्चाई और ईमानदारी के साथ जीवन जीने का यही परिणाम मिलता है? हालांकि, उन्होंने वीडियो में ऑडियो की पूरी विषयवस्तु का खुलासा नहीं किया और न ही अपने बयान में उससे जुड़े सभी घटनाक्रम स्पष्ट किए।
**’इस ऑडियो ने मुझे झकझोर कर रख दिया’**
अपने वीडियो संदेश की शुरुआत नमस्कार से करते हुए मंत्री ने कहा कि वह एक ऑडियो को लेकर लोगों के सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि ऑडियो सुनने के बाद उनके रिश्ते, जीवन और वैवाहिक जीवन के समर्पण पर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इस पीड़ा के बीच उन्हें पुलिस में तहरीर देने का निर्णय लेना पड़ा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम उन्होंने अपने बच्चों की रक्षा और सुरक्षा के लिए उठाया है। उनके इस बयान ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब इस प्रकरण में ऑडियो की वास्तविक विषयवस्तु और पुलिस में दी गई शिकायत के तथ्यों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।
**महिला चाहे आम हो या खास, अत्याचार पर चुप न रहे**
अपने संदेश में महिला मंत्री ने इस व्यक्तिगत पीड़ा को महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू अत्याचार के व्यापक मुद्दे से भी जोड़ा। उन्होंने कहा, “महिला चाहे आम हो या खास हो, घरेलू अत्याचार नहीं सहना है, बल्कि उसे कहना है।”
उनका यह संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब उन्होंने खुद को कठिन भावनात्मक दौर से गुजरने की बात स्वीकार की है। उन्होंने संविधान को साक्षी मानते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहने का संकल्प भी दोहराया।
**देवभूमि और मायके पर जताया भरोसा**
मंत्री ने उत्तराखंड की देवभूमि और अपने मायके के प्रति आभार जताते हुए कहा कि देवभूमि ने उन्हें यहां तक पहुंचाया है और उनके मायके ने हमेशा उनका साथ दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस कठिन समय में भी उनका परिवार उनके साथ खड़ा रहेगा।
वीडियो के अंतिम हिस्से में उन्होंने कहा कि वह पीड़ा में हैं, लेकिन अपने कर्तव्य को नहीं भूली हैं। एक महिला और मां होने के नाते बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
**’निशब्द हूं…’ कहकर समाप्त किया संदेश**
अपने भावुक संदेश के अंत में मंत्री ने कहा कि इस समय उनके पास आगे कुछ भी कहने के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने दोहराया, “मैं निशब्द हूं… मैं निशब्द हूं।”
उनके इस बयान के बाद अब पूरे प्रकरण में कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर उस ऑडियो में क्या है? मंत्री ने पुलिस को दी गई तहरीर में क्या आरोप लगाए हैं? और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है? फिलहाल, इन सवालों के जवाब संबंधित शिकायत, ऑडियो की प्रमाणिकता और पुलिस की जांच से ही स्पष्ट हो सकेंगे।