अपराध
विधायक भगत के बेटे को बेच दी सरकारी जमीन, 14 साल बाद मुकदमा दर्ज
सरकारी जमीन बेचने का आरोप, गूल तोड़कर जमीन में मिलाई; पांच भाइयों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
हल्द्वानी से सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत ने आरोप लगाया है कि काठघरिया क्षेत्र के पांच भाइयों ने उन्हें सरकारी जमीन बेच दी। आरोप है कि विक्रेताओं ने सरकारी भूमि को अपने खेत के रकबे में शामिल कर उसे निजी जमीन के रूप में बेच दिया। यह खरीद-फरोख्त करीब 14 वर्ष पहले हुई थी, जबकि आठ साल पहले यह मामला उस समय चर्चा में आया जब विकास भगत ने इस जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि विक्रेताओं ने गूल (नहर) को तोड़कर उसकी भूमि को अपने खेत में मिला लिया था और उसी को बेच दिया। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित जमीन में सिंचाई विभाग की भूमि भी शामिल थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रशासन और सिंचाई विभाग ने कार्रवाई करते हुए इस जमीन को कब्जे में ले लिया।
विकास भगत ने 19 जुलाई 2025 को मुखानी थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने 30 मार्च 2012 को नवीन चंद्र, खीमानंद, मोहन चंद्र, कैलाश चंद्र और उमेश चंद्र पुत्रगण नारायण दत्त निवासी ग्राम नंदपुर काठघरिया से 6691.19 वर्ग फुट भूमि खरीदी थी। वर्ष 2019 में उन्होंने यह जमीन किसी अन्य को बेच दी। इसके कुछ समय बाद खुलासा हुआ कि बेची गई जमीन में सड़क और गूल की भूमि भी शामिल है।
मामला प्रशासन तक पहुंचने पर 17 मार्च 2020 को एडीएम ने एसडीएम हल्द्वानी को जांच के निर्देश दिए थे। जांच में यह भी सामने आया कि कैलाश और खीमानंद पांडे ने गूल को जबरन क्षतिग्रस्त कर अपनी जमीन में मिला लिया था और अपनी भूमिधरी भूमि के साथ गूल की जमीन भी बेच दी। बाद में क्रेता और विक्रेताओं के बीच इस भूमि के एवज में अन्य जमीन देने पर सहमति बनी, लेकिन कई साल बीतने के बाद भी पांचों भाइयों ने विकास भगत को वैकल्पिक भूमि उपलब्ध नहीं कराई।
मुखानी थाने में तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने जांच के उपरांत पांचों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
