राजनीति
बिहार को मिल गया नया सम्राट: सम्राट चौधरी होंगे नए मुख्यमंत्री, सर्वसम्मति से चुने गए विधायक दल के नेता
बिहार को मिल गया नया सम्राट: सम्राट चौधरी होंगे नए मुख्यमंत्री, सर्वसम्मति से चुने गए विधायक दल के नेता
पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है और अब वे राज्य के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। भाजपा पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री देने जा रही है, जिससे प्रदेश की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है।
वीर चंद्र पटेल मार्ग स्थित भाजपा कार्यालय में हुई विधायक दल की बैठक में सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति बनी। विजय कुमार सिन्हा ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे रेणु देवी, मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल सहित सभी विधायकों ने समर्थन दिया और उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया।
भाजपा नेताओं ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है। नीरज कुमार सिंह ने कहा कि बरसों बाद भाजपा को यह अवसर मिला है और अब NDA का शासन बिहार को तेजी से विकास की ओर ले जाएगा। वहीं सैयद शाहनवाज हुसैन ने खुशी जताते हुए कहा कि सम्राट चौधरी न केवल विधायक दल के नेता चुने गए हैं, बल्कि वे NDA के नेता भी होंगे और नीतीश कुमार के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सभी विधायकों ने एकमत से सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बीते दो दशकों में बिहार को नई दिशा दी है और अब सम्राट चौधरी उस विकास को और गति देने का काम करेंगे।
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा का अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं और 2015 में भाजपा से जुड़ने के बाद पार्टी ने उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दीं। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के रूप में मिले अनुभव को वे इस नई जिम्मेदारी में उपयोग करेंगे।
अब सम्राट चौधरी जल्द ही राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। NDA के समर्थन के साथ उनका मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। बिहार में अब नए नेतृत्व के साथ विकास और सुशासन को आगे बढ़ाने की उम्मीदें जुड़ गई हैं।