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फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रही महिला शिक्षक गिरफ्तार, एसटीएफ की जांच के बाद हुई कार्रवाई
परिषदीय स्कूल में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज के सहारे नौकरी कर रही महिला शिक्षक को बीएसए ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया। शिक्षक की तैनाती उसका ब्लाक के एक प्राथमिक विद्यालय पर थी। एसटीएफ की जांच में बीएड का शैक्षणिक प्रमाण पत्र दूसरे के नाम पर होना पाया गया। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी को फर्जी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का भी आदेश दिया है।
वर्ष 2010 से कर रही थी जनपद में नौकरी
बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि देवरिया जनपद के भागपुर गांव निवासी अन्जू जायसवाल पुत्री कन्हैया जायसवाल की तैनात वर्ष 2010 में उसका विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय परसा खुर्द में सहायक अध्यापक के पद पर हुई।
एसटीएफ की जांच में फर्जी मिला बीएड का प्रमाण पत्र
जनपद में हुए शिक्षक भर्ती की जांच एसटीएफ कर रही है। इसी क्रम में जायसवाल के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच करायी गयी। इसमें लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से जारी बीएड का अंकपत्र व प्रमाण पत्र विनय सिंह पुत्र दशरथ सिंह के नाम होना पाया गया। एसटीएफ ने इसकी जानकारी बेसिक शिक्षा कार्यालय को मार्च में दी। बीएसए ने नोटिस जारी कर शिक्षक से जवाब मांगा पर कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। बीएसए ने इसके पश्चात शिक्षक को नियुक्ति तिथि से बर्खास्त कर दिया है।
