अंतर्राष्ट्रीय
भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों में नई उड़ान: एफटीए समेत कई बड़े समझौतों पर लगेगी मुहर, रक्षा और व्यापार सहयोग होगा मजबूत
भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों में नई उड़ान: एफटीए समेत कई बड़े समझौतों पर लगेगी मुहर, रक्षा और व्यापार सहयोग होगा मजबूत
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा को भारत और न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक व आर्थिक संबंधों के लिए अहम माना जा रहा है। दो दिवसीय दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को आगे बढ़ाने के साथ ही रक्षा, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, निवेश और खेल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच इसी वर्ष अप्रैल में हुए एफटीए को लागू करने की दिशा में इस दौरे को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
व्यापार को मिलेगा बड़ा विस्तार
एफटीए के तहत न्यूजीलैंड से आने वाले बड़ी संख्या में उत्पादों पर शुल्क कम या समाप्त होने की संभावना है। वहीं भारतीय उत्पादों को भी न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर पहुंच मिल सकेगी। हालांकि भारतीय किसानों के हितों को देखते हुए डेयरी, चीनी, सेब और कुछ कृषि उत्पादों को इस समझौते में विशेष संरक्षण दिया गया है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर भी फोकस
प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग और सूचना साझा करने जैसे मुद्दों पर भी बातचीत होगी। दोनों देश रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
शिक्षा, खेल और निवेश में बढ़ेगा सहयोग
दोनों देशों के बीच शिक्षा, पर्यटन, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में नए अवसर तलाशे जाएंगे। खेल विज्ञान, प्रशिक्षण और एथलीट विकास को लेकर भी सहयोग बढ़ाने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा है। ऐसे में इसे दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
