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जंतर-मंतर हिंसा मामले में बड़ा दावा: एफआईआर में आप नेताओं पर साजिश के आरोप, डिजिटल ट्रेल और फंडिंग की भी जांच तेज
जंतर-मंतर हिंसा मामले में बड़ा दावा: एफआईआर में आप नेताओं पर साजिश के आरोप, डिजिटल ट्रेल और फंडिंग की भी जांच तेज
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। 21 जुलाई को दर्ज एफआईआर में आम आदमी पार्टी (आप) के कुछ नेताओं और समर्थकों पर सुनियोजित तरीके से हिंसा भड़काने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की 15 गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जिसकी जांच अब स्पेशल सेल को सौंप दी गई है।
एफआईआर के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान करीब 10 से 11 हजार लोगों की भीड़ जुटाई गई थी। आरोप है कि प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने के बजाय भीड़ को उकसाया गया और पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने के साथ सुरक्षाकर्मियों पर पथराव करने के लिए प्रेरित किया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि कई पुलिसकर्मी इस हिंसा में घायल हुए, जबकि सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों के हथियार छीनने की कोशिश किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हिंसा के पीछे किन-किन लोगों की भूमिका थी और भीड़ को किस प्रकार संगठित किया गया।
जांच का दायरा केवल हिंसा तक सीमित नहीं है। एजेंसियां उन इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स की भी भूमिका की जांच कर रही हैं, जिन्होंने प्रदर्शन से जुड़े पोस्ट, वीडियो और प्रचार सामग्री साझा की थी। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के लिए किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं। सूत्रों के अनुसार, कई इन्फ्लुएंसर्स को पोस्ट के बदले भुगतान किए जाने की जानकारी भी एजेंसियों के संज्ञान में आई है। इस संबंध में डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों और तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है और विभिन्न दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जारी रहेगी तथा दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
