अंतर्राष्ट्रीय
पुणे में सम्मानित हुए एनएसए अजीत डोभाल, जेन जी युवाओं से बोले- अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों को भी समझें
पुणे में सम्मानित हुए एनएसए अजीत डोभाल, जेन जी युवाओं से बोले- अधिकारों के साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों को भी समझें
पुणे। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें पुणेरी पगड़ी, स्मृति चिह्न, सम्मान राशि और ‘गीता रहस्य’ की प्रति भेंट कर सम्मानित किया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन में अजीत डोभाल ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं है, बल्कि इसके साथ देश के प्रति जिम्मेदारियां भी जुड़ी हैं। युवाओं को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए जो राष्ट्रीय हितों के विपरीत हों और हर निर्णय में देश को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और अनेक चुनौतियों के बावजूद निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह एकजुट होकर देश की प्रगति और सुरक्षा में अपना योगदान दे।
अपने संबोधन में डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत नेतृत्व के कारण भारत विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है।
उन्होंने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के योगदान को याद करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी तिलक ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। डोभाल ने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
