उत्तराखण्ड
हल्द्वानी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम से पहले पेंशनरों की बड़ी मांग, नोशनल इंक्रीमेंट 2006 से लागू करने की उठी आवाज
हल्द्वानी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम से पहले पेंशनरों की बड़ी मांग, नोशनल इंक्रीमेंट 2006 से लागू करने की उठी आवाज
हल्द्वानी। उत्तराखण्ड कार्मिक एकता मंच ने आगामी 30 अप्रैल को हल्द्वानी में प्रस्तावित राज्य स्तरीय “वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह” से पहले सेवानिवृत्त कार्मिकों के हित में बड़ी मांग उठाई है। मंच ने उत्तराखण्ड सरकार से आग्रह किया है कि 30 जून और 31 दिसम्बर को सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों को उत्तर प्रदेश और केन्द्र सरकार की तर्ज पर जनवरी 2006 से नोशनल इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाए।
मंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी रमेश चन्द्र पाण्डे ने बताया कि इस मांग को लेकर वे लगातार संघर्षरत हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 20 अगस्त को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में 48 घंटे का मौन उपवास भी किया गया था, जिसे वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष नवीन वर्मा के आश्वासन पर स्थगित किया गया था। इसके बाद सेवानिवृत्त कार्मिक समन्वय समिति के अध्यक्ष सुमन सिंह वाल्दिया के नेतृत्व में 3 जनवरी को मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर सकारात्मक वार्ता हुई थी, जिसमें शीघ्र आदेश जारी करने का आश्वासन मिला था।
इसके बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने से पेंशनरों में निराशा बनी हुई है। पेंशनर संगठन कई बार मुख्य सचिव और सचिव वित्त से भी इस संबंध में मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन अभी तक आदेश जारी नहीं हो पाया है।
रमेश चन्द्र पाण्डे ने कहा कि केन्द्र सरकार, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में कोर्ट के आदेश के बाद जनवरी 2006 से नोशनल इंक्रीमेंट का लाभ दिया जा चुका है, जबकि उत्तराखण्ड में यह लाभ अप्रैल 2023 से लागू किया गया है। उन्होंने इसे सेवानिवृत्त कार्मिकों के साथ अन्याय बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्मिकों को इस लाभ से वंचित रखना उचित नहीं है। वहीं, पहली बार आयोजित हो रहे “वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह” को लेकर बुजुर्ग पेंशनर्स में खासा उत्साह है। पेंशनरों को उम्मीद है कि इस अवसर पर सरकार उनकी मांग को स्वीकार करते हुए नोशनल इंक्रीमेंट का तोहफा देगी।

