उत्तराखण्ड
दिशा बैठक में फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा, अजय टम्टा बोले— “काम में नहीं दिख रही रफ्तार”, PWD पर बरसे विधायक सुरेश गाड़िया
दिशा बैठक में फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा, अजय टम्टा बोले— “काम में नहीं दिख रही रफ्तार”, PWD पर बरसे विधायक सुरेश गाड़िया
बागेश्वर में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक इस बार काफी गरम माहौल में संपन्न हुई। बैठक के दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने अधिकारियों के कामकाज पर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में अपेक्षित तेजी नहीं दिख रही है और कई योजनाएं कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं।
बैठक में जब विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तो मंत्री टम्टा ने कई बिंदुओं पर अधिकारियों से सवाल किए, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि “दिशा की बैठक में आकर मजा नहीं आ रहा है, क्योंकि जमीन पर काम की रफ्तार बेहद धीमी है।” उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार लाएं और योजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करें।
इसी दौरान कपकोट के विधायक सुरेश गाड़िया भी लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों को लेकर भड़क उठे। उन्होंने सड़कों की खराब स्थिति, निर्माण कार्यों में देरी और गुणवत्ता को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। गाड़िया ने कहा कि कई बार शिकायतों के बावजूद PWD द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य दर्जा मंत्री शिव सिंह बिष्ट ने भी अधिकारियों के रवैये पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जो कि प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। जनप्रतिनिधियों ने साफ किया कि अगर अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
कुल मिलाकर दिशा की यह बैठक अधिकारियों के लिए एक सख्त संदेश बनकर सामने आई, जिसमें जनप्रतिनिधियों ने साफ कर दिया कि विकास कार्यों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
