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द‍िल्‍ली क्‍यों जाने वाला था गोरखनाथ मंद‍िर पर हमला करने वाला हमलावर, सुरक्षा एजेंस‍ियों के कान खड़े

 गोरखनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने वाले अहमद मुर्तजा अब्बासी घटना के 18 घंटे पहले से गोरखपुर स्थित अपने घर से गायब था। इसकी जानकारी तब तब हुई, जब पुलिस उसके घर पहुंची। स्वजन का कहना है कि वह पहले भी कई बार घर से गायब हो चुका है, इसलिए पुलिस को गुमशुदगी की सूचना नहीं दी।

गिरफ्तारी के बाद अहमद पुलिस के सामने बार-बार बयान बदलता रहा, इसलिए उसकी गतिविधियां संदिग्ध मानी जा रही हैं। सर्विलांस की टीम अहमद की काल डिटेल खंगाल रही है। साथ ही यह भी पता किया जा रहा है कि वह दिल्ली क्यों जाने वाला था, किससे मिलना था, क्यों नहीं गया। अहमद के बैग से 28 मार्च का गोरखपुर से दिल्ली से इंडिगो एयरलाइंस का टिकट मिला है, लेकिन वह दिल्ली नहीं गया था। सुरक्षा एजेंस‍ियों ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

अहमद ने पुलिस को नहीं बताया कि वह मुंबई में रहता था

अहमद के मुताबिक उसके पिता मुनीर मुर्तजा मुंबई की एक लीगल कंपनी में काम करते हैं। वह भी मुंबई की एक कंपनी में नौकरी करता था। 2019 में उसकी शादी हुई, लेकिन पत्नी ने उसे छोड़ दिया। नौकरी भी छूट गई। वह गोरखपुर लौट आया। अहमद का कहना है कि पत्नी के छोडऩे और नौकरी के छूटने से वह कई रातों से सो नहीं पा रहा था। चाह रहा था कि कोई गोली मार दे। इसीलिए मंदिर के बाहर सिपाहियों पर हमला किया। पुलिस उसकी बातों से सहमत नहीं है। इसके पीछे वजह भी है। जिला अस्पताल में एसएसपी डा. विपिन कुमार ताडा व एसपी सिटी सोनम कुमार ने उससे पूछताछ की थी।

द‍िल्‍ली क्‍यों जाने वाला था गोरखनाथ मंद‍िर पर हमला करने वाला हमलावर, सुरक्षा एजेंस‍ियों के कान खड़े

कुछ माह पहले ही मुंबई से गोरखपुर आया था

अहमद ने पुलिस को नहीं बताया कि वह मुंबई में रहता था और कुछ माह पहले ही गोरखपुर आया है। कुछ दिन पहले उसके पिता भी गोरखपुर आए हैैं। अहमद का सिविल लाइन्स स्थित घर से पांच किलोमीटर दूर गोरखनाथ मंदिर में जवानों पर हमला करने का निर्णय क्यों लिया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह आरोपित की सोची, समझी साजिश तो नहीं है। वह पुलिस कर्मियों को गुमराह करने के लिए लगातारबयान बदल रहा हो। अहमद के पास से पुलिस को दो धारदार हथियार मिले हैं। एक हथियार उसके बैग में था, जबकि दूसरे से उसने पीएसी जवानों पर हमला किया था। जवानों पर हमले के बाद दर्शन करने आए कुछ लोगों ने अहमद को पीट दिया, जिससे उसका बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया है।

मार्च में मंगाया था दो लाख का लैपटाप

अहमद ने मार्च में एक लाख 94 हजार रुपये एप्पल का लैपटाप आनलाइन मंगाया था। उसने बताया कि लैपटाप के लिए एक लाख दो हजार रुपये उसके पिता ने दिए, जबकि 92 हजार रुपये उसने अपने क्रेडिट कार्ड से खर्च किया। लैपटाप की डिलीवरी 10 मार्च को मिली, लेकिन वह ठीक से काम कर नहीं कर रहा है।

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