उत्तराखण्ड
50 लाख का टर्नओवर…”पहाड़ी स्वाद की दुकान पर टैक्स की दस्तक, नयना गांव की मटन-चावल शॉप अब जीएसटी के दायरे में”
“पहाड़ी स्वाद की दुकान पर टैक्स की दस्तक, नयना गांव की मटन-चावल शॉप अब जीएसटी के दायरे में”
नैनीताल। पहाड़ी जायके के लिए पहचान बना चुकी हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे स्थित नयना गांव की मटन-चावल शॉप अब सरकारी टैक्स व्यवस्था से जुड़ गई है। ग्राहकों के बीच लोकप्रिय इस दुकान पर जीएसटी विभाग की कार्रवाई के बाद संचालक ने अपना पंजीकरण करा लिया है। अब यहां से मिलने वाली हर थाली के साथ जीएसटी नंबर वाला पक्का बिल भी मिलेगा।
दरअसल, नयना गांव के पास स्थित पहाड़ी मटन-चावल की दुकान पर बीते दिनों जीएसटी विभाग की टीम ने निरीक्षण किया था। जांच के दौरान सामने आया कि दुकान का जीएसटी पंजीकरण नहीं कराया गया था। विभाग ने दुकान के कारोबार का आकलन करते हुए करीब 50 लाख रुपये सालाना टर्नओवर का अनुमान लगाया।
इसके बाद विभाग की ओर से दुकान संचालक को जीएसटी नियमों के तहत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए थे। विभागीय नोटिस और कार्रवाई के बाद संचालक चंदन सिंह कैड़ा ने बीते दिन जीएसटी नंबर हासिल कर लिया।
अब दुकान संचालक को नियमानुसार ग्राहकों को टैक्स इनवॉयस देना होगा। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मटन-चावल की बिक्री पर पांच प्रतिशत जीएसटी देय है। अनुमान के अनुसार 50 लाख रुपये के कारोबार के आधार पर संचालक को करीब 2.5 लाख रुपये तक जीएसटी जमा करना पड़ सकता है।
इलाके में अपने खास पहाड़ी स्वाद के लिए चर्चित यह दुकान अब स्वाद के साथ-साथ नियमों की राह पर भी आगे बढ़ेगी। जीएसटी पंजीकरण के बाद कारोबार में पारदर्शिता आएगी और ग्राहकों को भी बिल के साथ खरीदारी का भरोसा मिलेगा।
असिस्टेंट कमिश्नर प्रकाश त्रिवेदी ने बताया कि विभाग लगातार ऐसे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जीएसटी व्यवस्था से जोड़ने का काम कर रहा है, ताकि व्यापार में पारदर्शिता बनी रहे।
