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बड़ी मन्नतों के बाद रितिक के रूप में परिवार को इकलौता चिराग मिला था, लेकिन एक सड़क हादसे के बाद के बाद सब खत्म हो गया।

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 भीषण हादसे में परिवार के इकलौते बेटे की मौत, मां-पिता पर टूटा दुखों का पहाड़

रुद्रपुर: रुद्रपुर में तेज रफ्तार कार ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। सड़क पर दौड़ रही कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी।हादसे में बाइक सवार दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनमें से एक की बाद में मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाला रितिक चंद्रा पुत्र छोटे सिर्फ 22 साल का था।

घर में माता-पिता और दो बहनें हैं। बड़ी मन्नतों के बाद रितिक के रूप में परिवार को इकलौता चिराग मिला था, लेकिन एक सड़क हादसे के बाद के बाद सब खत्म हो गया। रितिक की मौत से रितिक के माता पिता और दो छोटी बहनों पर मानों दुखों का पहाड़ टूट गया है। हादसे के बाद क्षेत्र के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।

रितिक के पिता छोटे चंद्रा नगर में पकौड़ी समोसे का ठेला लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। रितिक अपने पिता का इस काम में हाथ बंटाता था। गमगीन माहौल के बीच मंगलवार को मानपुर उत्तरी श्मशान घाट पर रितिक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बता दें कि बीते छह मई को रुद्रपुर, उत्तराखंड में खाटू श्याम बाबा के कीर्तन का आयोजन किया गया था। जिसमें भजन सम्राट कन्हैया मित्तल की उपस्थिति होने के कारण दूर-दूर से लोग वहां पहुंचे थे। रितिक भी अपने तहेरे भाई पारस के साथ बाइक से कीर्तन देखने गया था। रात को दोनों वापस लौट रहे थे, कि तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें रौंद दिया। आनन-फानन में दोनों भाइयों को गदरपुर के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

जहां से डॉक्टर ने रितिक को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। वहां से रितिक को कानपुर रेफर किया गया, लेकिन अफसोस की रितिक बच नहीं सका। स्थानीय लोगों ने बताया कि रितिक सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करता था। उसकी मौत के बाद माता-पिता और बहनें गहरे सदमे में हैं।

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