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निकाय, पंचायत व लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की नई टीम पर मंथन

देहरादून। उत्तराखंड में एक साल बाद निकाय चुनाव, फिर पंचायत चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी  में कुछ बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। खबर है कि प्रदेश अध्यक्ष के बदलने के बाद प्रदेश संगठन में भी बड़ा बदलाव किया जा सकता है. संगठन में कई नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है. विशेषकर प्रदेश महामंत्री पद पर कई नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं. पार्टी के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र भट्ट के संगठन में बदलाव संबंधी बयान के बाद कयासबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महामंत्री संगठन अजेय कुमार के साथ दिल्ली पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी नेतृत्व के सामने नई टीम का खाका भी पेश किया है।
भाजपा की वर्तमान टीम में छह प्रदेश उपाध्यक्ष, चार महामंत्री, एक प्रदेश कोषाध्यक्ष, आठ प्रदेश मंत्री, एक कार्यालय सचिव, दस प्रदेश प्रवक्ता, अनुशासन समिति के एक अध्यक्ष, सचिव और एक-एक प्रदेश मीडिया, सोशल मीडिया, आईटी सेल के प्रभारी और सह प्रभारी शामिल हैं. इसके साथ ही सात मोर्चे भी बीजेपी में काम करते हैं, जिनमें किसान मोर्चा, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा और अनुसूचित जनजाति मोर्चा शामिल हैं।

निकाय, पंचायत व लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की नई टीम पर मंथन
बीजेपी की प्रदेश टीम में वर्तमान में प्रदेश में महामंत्री संगठन का जिम्मा अजेय कुमार के पास है. अजेय कुमार के अलावा तीन और महामंत्री हैं जिनमें सुरेश भट्ट, कुलदीप कुमार और राजू भंडारी हैं. अजेय कुमार के बने रहने या हटने का फैसला सीधे-सीधे केंद्रीय संगठन के स्तर पर होना है. महामंत्री संगठन रहते पहले लोकसभा चुनाव में पार्टी की बड़ी जीत और फिर विधानसभा चुनाव में जीत दोनों का श्रेय महामंत्री संगठन के कौशल को मिल सकता है. वहीं, राजू भंडारी, सुरेश भट्ट और कुलदीप कुमार को लेकर भी फैसले होने हैं. महामंत्री के तीनों पदों पर नए चेहरे के कयास लगाए जा रहे हैं।
बीजेपी की मीडिया से जुड़ी टीम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. प्रवक्ता के तौर पर कुछ तेज-तर्रार चेहरे शामिल किए जा सकते हैं. पार्टी की युवा मोर्चा में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा किसान मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति और अल्पसंख्यक मोर्चे में भी फेरबदल किए जाने की उम्मीद है, ताकि 2024 से पहले संगठन में नयापन आ सके।

देहरादून महानगर के साथ ही 13 जिलों के जिलाध्यक्षों पर भी संगठन आला पदाधिकारियों की नजर है. कहां क्या बदलाव होने हैं, इसकी कवायद तेजी से बीजेपी के भीतर चल रही है. पार्टी आलाकमान की हरी झंडी के बाद ये बदलाव नजर आएंगे. उत्तराखंड के नए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बीते दिनों कहा भी कि जरूरत के मुताबिक संगठन में बदलाव किए जाएंगे।

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