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महाराष्ट्रः शिंदे का ऑपरेशन उद्धव सरकार शुरू, आरे कॉलोनी में ही बनेगा मेट्रो कार शेड! अभी और फैसलों की बारी

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मुंबई. महाराष्ट्र में नई सरकार बनने के बाद ही पुरानी सरकार में लिए गए फैसलों को बदलने की कवायद शुरू हो गई है. बीते गुरुवार को नई सरकार की गठन के बाद राज्य सरकार ने महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि मेट्रो कार शेड मुंबई की आरे कॉलोनी में ही बनाया जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक नई सरकार ने आदेश देते हुए कहा है कि आरे कालोनी में मेट्रो कार शेड बनाए जाने वाले मामले में महाराष्ट्र सरकार का पक्ष अदालत के सामने पेश किया जाना चाहिए. बीते गुरुवार को हुई मंत्रीमंडल में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य विधानमंडल का विशेष सत्र 2 और 3 जुलाई को मुंबई में बुलाया जाएगा. गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नगर विकास विभाग के अधिकारियों को आरे में कार शेड निर्माण का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष लाने का निर्देश दिया.

इंडियन एक्सप्रेस क रिपोर्ट के मुताबिक डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज़ ​​के बीच 33 किलोमीटर लंबी भूमिगत मेट्रो परियोजना कांजुरमार्ग भूखंड पर कानूनी तकरार के कारण अटक गई थी, जहां पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार ने मेट्रो कार शेड बनाने का प्रस्ताव रखा था. कैबिनेट बैठक में फडणवीस ने नौकरशाहों से पूछा कि क्या महाधिवक्ता के माध्यम से अदालतों को अवगत कराया जा सकता है कि कार शेड आरे में ही बनाया जाएगा. वहीं बैठक में सीएम एकनाथ शिंदे ने इस कदम का समर्थन किया. आरे से कार शेड को स्थानांतरित करने का कदम शिवसेना और उसकी पूर्व सहयोगी भाजपा के बीच विवाद का एक प्रमुख कारण रहा है.

राज्य की बागडोर संभालने के एक दिन बाद, 29 नवंबर, 2019 को उद्धव ठाकरे ने आरे में कार शेड बनाने के फडणवीस के फैसले को पलट दिया था. मुंबई में कई पर्यावरणविदों ने आरे में कार शेड के निर्माण का विरोध किया था, जो संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का विस्तार है और तेंदुओं और अन्य जीवों के लिए एक निवास स्थान है. पर्यावरणविदों, जिन्होंने दावा किया था कि कार शेड मुंबई में हरियाली के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचाएगा, आदित्य ठाकरे द्वारा समर्थित थे. एमवीए सरकार के सत्ता में आने के तुरंत बाद, आरे में 804 एकड़ भूमि को आरक्षित वन घोषित कर दिया गया.

कांजुरमार्ग में वैकल्पिक जमीन पर कार शेड बनाने की मांग की गई थी.  हालाँकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिसंबर 2020 में कांजुरमार्ग में शेड के निर्माण पर रोक लगाकर ठाकरे सरकार के सबसे बड़े फैसलों में से एक पर रोक लगा दी थी. भाजपा ने दावा किया था कि कार शेड को आरे से स्थानांतरित करने का निर्णय ठाकरे के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए किया जा रहा है और इससे भूमिगत मेट्रो परियोजना के निर्माण में चार साल की देरी होगी और इसकी लागत में वृद्धि होगी.

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