उत्तराखण्ड
ललित जोशी के तेवर से कांग्रेस में खलबली! बोले- ‘किसी की बपौती नहीं कांग्रेस, किसी के आगे हाथ फैलाकर राजनीति नहीं की ’
ललित जोशी के तेवर से कांग्रेस में खलबली! बोले- ‘किसी की बपौती नहीं कांग्रेस, किसी को हाथ फैलाकर राजनीति नहीं सिखाई’
हल्द्वानी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में हालिया जिम्मेदारियों और नियुक्तियों को लेकर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं नगर निगम मेयर का चुनाव लड़ चुके ललित जोशी ने खुलकर नाराजगी जाहिर की है। वीडियो में दिए अपने बयान में जोशी ने संगठन की कार्यप्रणाली, वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी, युवा और महिला कार्यकर्ताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने तथा कुछ लोगों द्वारा व्यक्तिगत एजेंडा चलाए जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके बयान से साफ है कि मामला महज व्यक्तिगत नाराजगी तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन के भीतर चल रही खींचतान और असंतोष को लेकर वे उचित मंच पर अपनी बात रखने की तैयारी में हैं।
ललित जोशी ने कहा कि उन्होंने 32-35 साल की राजनीति में कभी किसी के सामने हाथ फैलाकर राजनीति नहीं की और न ही कमरों या होटलों में बैठकर राजनीति करने के आदी हैं। उन्होंने कहा कि उनके अपने चुनाव में भी कई चीजें ऐसी रही हैं, जिन्हें उन्होंने अपने भीतर रखा और कई बातें उन्होंने पी हैं। उनके मुताबिक, इन घटनाओं को लेकर उन्हें कष्ट जरूर हुआ है, लेकिन वह चुप रहकर बैठने वाले नहीं हैं और जो भी बातें हैं, उन्हें उचित फोरम पर उठाएंगे।
‘कांग्रेस किसी की बपौती नहीं’
जोशी ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस किसी एक व्यक्ति की बपौती नहीं है और कोई उन्हें कांग्रेस से दूर नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और समाज ने उन्हें बनाया है। उनका कहना था कि कांग्रेस ने भी उन्हें बहुत कुछ दिया है और समाज ने भी उन्हें बहुत कुछ दिया है। ऐसे में यदि कुछ लोग किसी को अपनाने और किसी को किनारे करने की कोशिश कर रहे हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं, लेकिन समय हमेशा किसी एक के साथ नहीं रहता।
उन्होंने कहा कि वह किसी से नफरत करने वाले व्यक्ति नहीं हैं और समाज से जुड़े हुए व्यक्ति हैं। अपनी बात वह उचित फोरम पर रखेंगे।
वरिष्ठों की अनदेखी पर उठाए सवाल
ललित जोशी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी में वरिष्ठ नेताओं और पुराने कार्यकर्ताओं की कथित अनदेखी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बहुत से बुजुर्ग और वरिष्ठ नेता ऐसे हैं, जिन्हें कई तरह के प्रलोभन मिले, लेकिन उन्होंने कांग्रेस के बुरे दौर में भी पार्टी नहीं छोड़ी। ऐसे नेताओं को सम्मान मिलना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि कई युवा और कई महिलाएं भी हैं, जिन्हें संगठन में स्पेस दिया जाना चाहिए था। यह उनका व्यक्तिगत मत है और वह अपने इस बयान की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं।
जोशी ने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूरे प्रदेश की कांग्रेस कमेटी होती है, इसे किसी व्यक्ति विशेष की व्यक्तिगत कांग्रेस कमेटी नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके इस बयान को संगठन के भीतर व्यक्तिगत प्रभाव और फैसलों को लेकर सीधे सवाल के तौर पर देखा जा रहा है।
‘किसी का अपमान करके कोई बड़ा नहीं होता’
जोशी ने कहा कि बहुत सारे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का अपमान हुआ है और कई महिलाओं को भी वह स्थिति मिली है, जिस पर बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति लेना-देना और साथ चलने की प्रक्रिया है। कोई व्यक्ति इतना बड़ा नहीं है कि किसी दूसरे को किनारे कर दे।
उन्होंने कहा कि उन्हें किनारे करने की कोशिश पहले भी हुई और कई लोगों ने ऐसी कोशिश की, लेकिन हल्द्वानी की जनता ने उन्हें चुनाव में करीब 70 हजार वोटों तक पहुंचाया। ऐसे में किसी के द्वारा उन्हें किनारे किए जाने का सवाल ही नहीं है।
‘मैं जनता का आदमी बनकर रहना चाहता हूं’
ललित जोशी ने कहा कि वह ज्यादा मंचों पर चढ़ने के आदी नहीं हैं और जनता का आदमी बनकर रहना चाहते हैं। उनके लिए यह किसी बड़े राजनीतिक मंच पर मौजूद रहने से ज्यादा महत्वपूर्ण है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए मान-सम्मान महत्वपूर्ण है और प्रदेश कांग्रेस कमेटी में वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी अच्छी बात नहीं है।
उन्होंने उन लोगों को भी निशाने पर लिया, जिनके बारे में उनका कहना है कि वे इस तरह की कोशिश कर रहे हैं कि किसी को अपनाकर अपना हाथ ऊपर रखा जा सके। जोशी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे का अपमान करके कभी बड़ा नहीं होता।
‘मैं कमरों और होटलों में बैठकर राजनीति नहीं करता’
अपने बयान में ललित जोशी ने एक से अधिक बार इस बात को दोहराया कि उन्होंने कभी किसी के सामने हाथ फैलाकर राजनीति नहीं की और न ही कमरों या होटलों में बैठकर राजनीति करने की उनकी आदत है। उन्होंने कहा कि उनके भीतर बहुत सी बातें हैं, जिन्हें उन्होंने अपने चुनाव के दौरान भी सहा और अपने अंदर समाया है।
उन्होंने संकेत दिया कि उनके पास संगठन से जुड़े कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें वह अभी सार्वजनिक तौर पर विस्तार से नहीं कह रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित फोरम पर जरूर उठाएंगे।
जोशी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह बैठकर राजनीति करने या किसी के दबाव में रहने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति उनकी जागीर नहीं है। उन्हें समाज के लोगों ने बनाया है और उनके योगदान से ज्यादा समाज ने उन्हें दिया है।
अंत में उन्होंने कहा कि वह नफरत की राजनीति करने वाले व्यक्ति नहीं हैं और समाज से जुड़े व्यक्ति हैं। वह अपनी बात संगठन के उचित मंच पर रखेंगे। ललित जोशी के इस बयान ने प्रदेश कांग्रेस के भीतर वरिष्ठता, सम्मान, प्रतिनिधित्व और संगठन में फैसलों को लेकर चल रही चर्चाओं को एक बार फिर सामने ला दिया है।
