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मतगणना से पहले एक्सिट पोल को लेकर बोले हरीश रावत, तीन बिंदुओं में जानें अहम बातें
Uttarakhand Election 2022 : उत्तराखंड में नई सरकार को लेकर गुरुवार को तस्वीर साफ हो जाएगी। वहीं मतगणना तीन दिन पहले आए एक्सिट पोल के सर्वे के बाद से सियासी दलों में हलचल मची हुई है। एक्सिट पोल को लेकर हर किसी ने अपनी बता रखी लेकिन अब तक बचते रहे पूर्व सीएम हरीश रावत (Harish Rawat) ने भी आखिरकार इस पर बहुत कुछ कह दिया है। हरदा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक और ट्वीटर पर एक्सिट पोल और उत्तराखंड में मतदान को लेकर बहुत कुछ कहा है। यहां उनका पोस्ट दिया जा रहा है।
कल कुछ एग्जिट पोल के निष्कर्षों ने उत्तराखंड के लोगों के माथे में सिकन डाल दी है। लोगों को लग रहा है कि उनका वोट तो परिवर्तन के पक्ष में था, ये भाजपा कैसे फिर से सत्ता में वापसी कर रही है! कहीं दूर-दूर तक भाजपा सत्ता में वापसी नहीं करने जा रही है, एक माइंड गेम सत्तारूढ़ दल के इशारे पर खेला जा रहा है। आप देखिए न कुछ एग्जिट पोलों में पार्टी विशेष के लिए बताया गया है कि ये पार्टी 32 से 42 तक या इस नंबर से इस नंबर तक सीटें हासिल करेगी, अर्थात 9-9, 10-10 सीटों का अनुमान तो ये एग्जिट पोल का भी अपमान है।
जनता ने परिवर्तन के पक्ष में वोट दिया है, परिवर्तन का नेतृत्व स्वयं उत्तराखंड की जनता कर रही थी, हमने पूरे चुनाव अभियान में इस बात को बहुत गहराई से अनुभव किया। हमसे तो केवल इस समय जनता की अपेक्षाएं हैं, गैरसैंण से लेकर गैस का सिलेंडर नहीं होगा 500 के पार तक, समाज कल्याण की पेंशनों में वृद्धि से लेकर उपनल कर्मियों सहित ऐसे सभी राज्यकर्मी जो राज्य के लिए काम करते हैं, मगर जिनको राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिल पा रहा है, उन सभी लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करना है, लोगों की अपेक्षाएं ढेरों हैं। लोग ऐसे में कांग्रेस के बजाय किसी और पार्टी का राग सुनना पसंद नहीं करेंगे और न कर रहे हैं।
कांग्रेसजन उत्साहपूर्वक मतगणना की प्रक्रिया में भाग लें और अपने उम्मीदवारों के विजय का जश्न मनाने की भावना लेकर मतगणना केंद्र पहुंचें, फिर कुछ ऐसे भी एग्जिट पोल हैं, जिन्होंने सीट दर सीट आकलन किया है, वो सारे आकलन जिसमें कांग्रेस से दूर से भी मित्रता न रखने वाले कुछ समाचार एजेंसीज भी सम्मिलित हैं, उनके एग्जिट पोल भी हैं जो कांग्रेस की सरकार बना रहे हैं, खैर एग्जिट पोल भी एक विधा है, मैं उस पर शंका नहीं उठा रहा हूँ, एग्जिट पोल करवाने वाले किस भावना से करवा रहे हैं, उस पर तो विचार किया ही जा सकता है।

