Connect with us

Uncategorized

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में 37 प्रत्याशियों की जमानत जब्त

खबर शेयर करें -

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले की 6 विधानसभा सीटों में चुनाव लड़ चुके 37 प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। कुछ प्रत्याशी तो तीन अंकों तक भी नहीं पहुंच पाए। पूरा चुनाव भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच सिमटकर रह गया था। 

अल्मोड़ा जिले की 6 विधानसभाओं में कुल 50 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। द्वाराहाट में 10, अल्मोड़ा सल्ट में 9, सामेश्वर में 8 व रानीखेत और जागेश्वर में 7-7 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। जिनमें से 74 फीसद प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए। द्वाराहाट विधानसभा सीट पर उत्तराखंड क्रांति दल के पुष्पेश त्रिपाठी ने भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी को टक्कर देने की जरुर कोशिश की। वह 9804 मत लाकर अपनी जमानत बचाने में जरुर कामयाब हुए। इसके अलावा किसी प्रत्याशी की जमानत नहीं बच पाई।

जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ता रहा वैसे-वैसे इन अन्य दलों के प्रत्याशी राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों से पिछड़ते चले गए। जब स्टार वार चला और राष्ट्रीय दलों के बड़े नेता चुनावी मैदान में उतरे तो उसके बाद फिर चुनावी मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के बीच सिमट कर रह गया। चुनाव परिणाम भी यह बता दिया कि पूरा चुनाव भाजपा-कांग्रेस के बीच ही रहा।

25 प्रत्याशियों को नोटा से कम मिले वोट

जिले की 6 विधानसभाओं में खड़े 50 फीसद प्रत्याशियों को तो नोटा से भी कम मत मिले। इनमें राष्ट्रीय, क्षेत्रीय व निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल है।  इस बार बीते 2017 के विधानसभा चुनाव से कम लोगों ने नोटा का प्रयोग किया। लेकिन इस बार राष्ट्रीय, क्षेत्रीय व निर्दलीय प्रत्याशी नोटा के बराबर भी मत नहीं ला सके।

साेमेश्वर में 1007 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। यहां कुल 8 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। जिनमें से 6 प्रत्याशियों को नोटा से भी कम मत मिले। ऐसा ही हाल द्वाराहाट का रहा। यहां 791 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। यहां 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे जिनमें से 6 प्रत्याशी नोटा से कम मत लाए। रानीखेत में कुल सात प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे।

562 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। चार प्रत्याशी नोटा के बराबर भी मत नहीं ला पाए। सल्ट में 9 प्रत्याशी, जागेश्वर में सात, अल्मोड़ा में 9 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। जागेश्वर में 823, अल्मोड़ा 401, सल्ट में 331 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। इन विधानसभाओं में तीन-तीन प्रत्याशी यानि 9 प्रत्याशी ऐसे थे जो नोटा से भी कम वोट लाए।

दिन भर ऐसे प्रत्याशियों की चर्चा का बाजार भी गर्म रहा। लोग कह रहे जिन प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिलते है उन्हें चुनाव में लड़ने नहीं देना चाहिए।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in Uncategorized

Recent Posts

Facebook

Trending Posts