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प्रेमी संग पति की हत्या की रची साजिश, फिर सड़क हादसे का दिया रूप; पोस्टमार्टम ने खोला राज, 48 घंटे में ऐसे बेनकाब हुई पत्नी की करतूत

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प्रेमी संग पति की हत्या की रची साजिश, फिर सड़क हादसे का दिया रूप; पोस्टमार्टम ने खोला राज, 48 घंटे में ऐसे बेनकाब हुई पत्नी की करतूत

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे में सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस घटना को शुरुआती तौर पर सड़क हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी ने कथित प्रेम प्रसंग के चलते अपने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची और इसमें अपने किशोर प्रेमी तथा उसके दोस्त को शामिल किया। हत्या के बाद वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश भी की गई।

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि पति की मौत के बाद पत्नी ने ही दो किशोरों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि होने के बाद पुलिस को मामला सामान्य सड़क हादसा नहीं लगा। इसके बाद जांच का रुख बदला और पत्नी के बयानों में सामने आए विरोधाभासों ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने कथित साजिश की परतें खोल दीं। पुलिस ने मृतक की पत्नी निशा को गिरफ्तार करने के साथ दोनों किशोरों को भी हिरासत में लिया है।

 

 

धान के खेत के पास कार में मिला था खून से लथपथ शव

पुलिस के मुताबिक 17 अगस्त को प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क किनारे धान के खेत में एक शिफ्ट डिजायर कार संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी होने की सूचना मिली थी। कार की स्थिति देखकर शुरुआती तौर पर मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो कार के अंदर एक युवक का खून से लथपथ शव पड़ा मिला।

मृतक की पहचान ग्राम बाजावाला, डकिया नंबर-1, कुंडेश्वरी निवासी संजीव कुमार पुत्र सोमल सिंह के रूप में हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर दुर्घटना समेत अन्य संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू की।

 

 

 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी पूरी जांच की दिशा

मामले में सबसे अहम मोड़ पोस्टमार्टम के दौरान आया। पैनल ने शव की जांच की तो शरीर पर गनशॉट इंजरी यानी गोली लगने के निशान मिले। इसके बाद पुलिस के सामने साफ हो गया कि युवक की मौत महज सड़क हादसे में नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की आशंका को मजबूत कर दिया और पुलिस ने दुर्घटना की जांच के बजाय हत्या के कोण से पड़ताल शुरू कर दी।

 

 

इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल, कार की स्थिति, आसपास के सीसीटीवी कैमरों और मृतक के संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी निशा से भी पूछताछ की। बताया गया कि पूछताछ के दौरान उसके बयानों में कई विरोधाभास सामने आए। इससे पुलिस का संदेह पत्नी की भूमिका की ओर बढ़ने लगा।

पति की दुकान पर काम करते थे दोनों किशोर

पुलिस के अनुसार संजीव कुमार की ग्राम थारी, रामनगर में टेंट की दुकान थी। वहां दो किशोर काम करते थे। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों किशोरों ने कथित तौर पर घटना से जुड़े कई राज खोले और मृतक की पत्नी निशा की भूमिका की जानकारी दी।

जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि मृतक की पत्नी का दोनों में से एक किशोर के साथ कथित प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस के मुताबिक इसी संबंध के चलते संजीव कुमार को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। इसके बाद हत्या को अंजाम देने के लिए योजना तैयार की गई।

जन्मदिन की पार्टी के बहाने घर से निकले थे सभी

पुलिस के अनुसार 17 अगस्त को संजीव कुमार, उसकी पत्नी और दोनों किशोर कार से जन्मदिन की पार्टी के लिए निकले थे। उस समय कार संजीव कुमार स्वयं चला रहा था। पुलिस की जांच के मुताबिक इसी दौरान पीछे बैठे किशोर ने कथित तौर पर संजीव कुमार को बेहद नजदीक से गोली मार दी।

गोली लगने के बाद संजीव कुमार की हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर कार को सुनसान स्थान पर सड़क किनारे खड़ा कर दिया। शव कार के अंदर ही रहने दिया गया, ताकि पहली नजर में पूरा मामला सड़क दुर्घटना जैसा दिखाई दे। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।

हादसा दिखाने की कोशिश, लेकिन पोस्टमार्टम ने खोल दिया राज

वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया कि पुलिस और लोगों को शुरुआत में यह सड़क हादसा लगे। कार को सड़क किनारे धान के खेत के पास अनियंत्रित अवस्था में खड़ा किया गया था। इसी वजह से प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना की आशंका बनी।

लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि होते ही पूरा घटनाक्रम संदिग्ध हो गया। पुलिस ने दुर्घटना की कहानी के पीछे छिपे घटनाक्रम को तलाशना शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

पत्नी ने ही दर्ज कराई थी दो किशोरों के खिलाफ रिपोर्ट

इस मामले में पुलिस के लिए एक और अहम तथ्य यह था कि पति की मौत के बाद उसकी पत्नी निशा ने ही दो किशोरों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआत में इससे ऐसा प्रतीत हुआ कि पत्नी खुद मामले की शिकायतकर्ता है और संभवतः आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई चाहती है।

लेकिन जब पोस्टमार्टम में गोली लगने की बात सामने आई और पुलिस ने घटनाक्रम की बारीकी से जांच शुरू की तो पत्नी के बयानों में कथित तौर पर अंतर दिखाई देने लगा। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर मृतक के परिचितों और उसकी दुकान पर काम करने वाले लोगों तक पूछताछ की। इसी दौरान जांच की दिशा धीरे-धीरे पत्नी की ओर बढ़ती गई।

पूछताछ में खुलती चली गई साजिश की परतें

पुलिस का कहना है कि दोनों किशोरों से पूछताछ के बाद मामले में कई अहम तथ्य सामने आए। इसके बाद पत्नी निशा से भी विस्तार से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने कथित तौर पर अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।

पुलिस जांच के अनुसार पति को रास्ते से हटाने की साजिश पत्नी ने अपने कथित किशोर प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर रची थी। इसके बाद तीनों ने मिलकर संजीव कुमार की हत्या की योजना को अंजाम दिया और वारदात को सड़क हादसे का रूप देने का प्रयास किया।

तमंचा, खोखे और कारतूस बरामद

पुलिस ने मामले में हत्या में इस्तेमाल तमंचा, खोखे और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कब से तैयार की जा रही थी और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया है।

एसएसपी ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि होने के बाद जांच को हत्या के कोण से आगे बढ़ाया गया। सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

एसएसपी ने बताया कि मामले का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया गया है। उन्होंने घटना के अनावरण में शामिल पुलिस टीम की सराहना करते हुए पुलिसकर्मियों की पीठ थपथपाई। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

इस सनसनीखेज हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि किस तरह आपसी संबंधों और पारिवारिक विवाद के चलते एक युवक की हत्या की साजिश रची गई और वारदात के बाद उसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की गहन जांच ने हादसे की कहानी के पीछे छिपे हत्या के राज को उजागर कर दिया।

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