उत्तराखण्ड
ज्योलिकोट में जलजनित बीमारियों का कहर जारी, 26 वर्षीय युवक की मौत से मचा हड़कंप
नैनीताल। ज्योलिकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारियों से हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। पीलिया की चपेट में आए 26 वर्षीय युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और दूषित पानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार कैलाखान निवासी अमन सोनकर (सौरभ) ज्योलिकोट क्षेत्र में ठेकेदार के साथ मजदूरी करता था। परिजनों के मुताबिक रक्षाबंधन पर घर लौटने के बाद अमन को बुखार की शिकायत हुई थी। इसके बाद उसका ज्योलिकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया गया, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
तबीयत लगातार बिगड़ने के बाद बुधवार को अमन की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाने के कारण उसकी हालत गंभीर होती चली गई।
अमन की मौत के बाद ज्योलिकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारियों को लेकर चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्र में पिछले कुछ समय से उल्टी-दस्त, बुखार और पीलिया समेत अन्य बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इससे पहले भी दो मौतें हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित गांवों में जांच और जागरूकता अभियान चलाने की बात कही जा रही है। वहीं लगातार सामने आ रहे बीमारी के मामलों के बीच लोगों की नजर अब पेयजल व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीमारी के मामले लगातार सामने आने के बावजूद प्रभावी रोकथाम और उपचार की व्यवस्था को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। अमन की मौत ने इन सवालों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

