अंतर्राष्ट्रीय
ऑस्कर की चमक से महादेव की चौखट तक… अल्मोड़ा के बयाला गांव के भावेश पांडेय पहुंचे टपकेश्वर
ऑस्कर की चमक से महादेव की चौखट तक… अल्मोड़ा के बयाला गांव के भावेश पांडेय पहुंचे टपकेश्वर
देहरादून। हॉलीवुड की दुनिया में अपनी तकनीकी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके उत्तराखंड मूल के भावेश पांडेय इन दिनों भारत भ्रमण पर हैं। बुधवार, 12 अगस्त को देहरादून पहुंचे भावेश ने गढ़ी कैंट स्थित प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसर में उनके साथ कुछ पल बिताने का अवसर मिला। देवभूमि की धरती पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके भावेश की मौजूदगी का यह अवसर विशेष रहा।
भावेश पांडेय मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के बयाला गांव के रहने वाले हैं। उत्तराखंड की पहाड़ियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत में अपनी पहचान बनाने वाले भावेश की उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने देहरादून के कैम्ब्रियन हॉल स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर विजुअल इफेक्ट्स की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
भावेश पांडेय का नाम हॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘द जंगल बुक’ से जुड़ा है। वर्ष 2016 में रिलीज हुई इस फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स पर काम करने वाली टीम में भावेश भी शामिल रहे। फिल्म में जानवरों और जंगल को बेहद वास्तविक रूप में प्रस्तुत करने के लिए अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया गया था।
खास तौर पर फिल्म के प्रमुख किरदार बालू के गीले फर (Wet Fur) के विजुअल इफेक्ट को विकसित करने में भावेश के योगदान का उल्लेख मिलता है। द जंगल बुक के विजुअल इफेक्ट्स को वर्ष 2017 में अकादमी अवॉर्ड यानी ऑस्कर से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के बाद भावेश पांडेय का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया।
बयाला से हॉलीवुड तक का सफर
अल्मोड़ा जिले के छोटे से गांव बायला से निकलकर हॉलीवुड तक पहुंचने का भावेश का सफर उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल है। विजुअल इफेक्ट्स जैसे आधुनिक और तकनीकी क्षेत्र में उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। द जंगल बुक जैसी चर्चित फिल्म में काम करना उनकी पेशेवर उपलब्धियों में महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।
भारत भ्रमण के दौरान देहरादून पहुंचे भावेश पांडेय का टपकेश्वर महादेव मंदिर जाना भी उनकी यात्रा का खास पड़ाव रहा। गढ़ी कैंट स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन करते हुए उनका यह दृश्य देवभूमि की आध्यात्मिक विरासत और उत्तराखंड से निकली प्रतिभा का सुंदर संगम नजर आया।
अल्मोड़ा के बयाला गांव से निकलकर ऑस्कर विजेता फिल्म की टीम तक पहुंचने वाले भावेश पांडेय का यह सफर बताता है कि पहाड़ की प्रतिभा अवसर मिलने पर दुनिया के किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकती है।
फोटो साभार : वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद पांडे जी देहरादून, भावेश के साथ फोटो में।
