अपराध
एक तरफ विवेक के हाथ में बकरी के सींग, दूसरी तरफ तेंदुए के जबड़े में शिकार… फिर जो हुआ, उसे देखकर कांप उठे ग्रामीण
एक तरफ विवेक के हाथ में बकरी के सींग, दूसरी तरफ तेंदुए के जबड़े में शिकार… फिर जो हुआ, उसे देखकर कांप उठे ग्रामीण
एक झटके में तेंदुए ने बकरी छीनी, युवक ने भी नहीं छोड़ी हिम्मत; साहस दिखाकर वन्यजीव से भिड़ गया 18 वर्षीय विवेक
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। बकरी को तेंदुए के जबड़े से छुड़ाने के लिए 18 वर्षीय युवक का ऐसा साहस सामने आया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। एक ओर युवक बकरी के सींग पकड़े हुए था और दूसरी ओर तेंदुआ उसी बकरी को अपने जबड़े में दबाए जंगल की ओर खींच रहा था। दोनों के बीच काफी देर तक खींचतान चलती रही। अचानक तेंदुए ने जोरदार झटका दिया और युवक की पकड़ छूट गई। इसके बाद उसने बकरी को नीचे की ओर फेंक दिया और छलांग लगाते हुए जंगल की तरफ निकल गया।
घटना अमेता गांव की है। ग्रामीण दिनेश चंद्र के पुत्र विवेक मंगलवार को बकरियों को चुगाने जंगल गया था। इसी दौरान उसने एक बकरी के सींग पकड़ रखे थे। तभी अचानक तेंदुए ने बकरी पर हमला कर दिया और उसे अपने जबड़े में दबा लिया। तेंदुआ बकरी को घसीटकर ले जाने लगा, लेकिन विवेक ने हिम्मत नहीं हारी। उसने बकरी के सींग मजबूती से पकड़ लिए और तेंदुए से भिड़ गया।
कुछ देर तक युवक और तेंदुआ बकरी को अपनी-अपनी ओर खींचते रहे। विवेक ने बकरी को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। इसी बीच तेंदुए ने बकरी को जोरदार झटका दिया, जिससे विवेक की पकड़ छूट गई। तेंदुए ने बकरी को नीचे की ओर फेंका और छलांग लगाकर उसे उठाते हुए जंगल की तरफ चला गया।
विवेक ने बताया कि उस समय उसके दिमाग में केवल अपनी बकरी की जान बचाने की बात थी। उसे इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि सामने इतना बड़ा खतरा मौजूद है। उसका कहना है कि अगर तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
स्कूल की छत पर भी दिख चुका है तेंदुआ
ग्रामीणों के मुताबिक अमेता गांव के प्राथमिक विद्यालय की छत पर भी पिछले दिनों तेंदुआ दिखाई दे चुका है। घटना के बाद वन विभाग ने विद्यालय के पास एक पिंजरा लगाया, लेकिन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर निगरानी के लिए नहीं पहुंचा। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें स्कूल छोड़ने और वापस लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
पिंजरे में शिकार के लिए कोई व्यवस्था नहीं किए जाने से भी तेंदुआ उसके आसपास नहीं फटक रहा है। वन्यजीव की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
घटना के बाद परिवार में बढ़ी चिंता
घटना की जानकारी मिलने के बाद विवेक के पिता दिनेश चंद्र काफी डर गए। उन्होंने बताया कि शाम को भैंरंगखाल स्थित अपनी दुकान बंद करने के बाद वह घर जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके। बाद में पत्नी और बच्चों को बुलाकर उनके साथ घर पहुंचे।
दिनेश चंद्र ने बताया कि शाम को दुकान से घर लौटते समय विवेक इतना भयभीत था कि रास्ते में ही पत्नी और बच्चों को साथ बुला लिया और उन्हें लेकर घर पहुंचा।
उन्होंने बताया कि पिछले नौ महीनों में तेंदुआ उनकी पांच बकरियों और दो गाय की बछियों को निवाला बना चुका है। इसके बावजूद मुआवजे के नाम पर उनके हाथ अभी भी खाली हैं।
ग्रामीणों में भी दहशत, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में समय-समय पर तेंदुआ दिखाई दे रहा है। इससे लोगों में डर का माहौल है। वन विभाग के क्षेत्राधिकारी आशुतोष जोशी ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। समय-समय पर क्षेत्र में गश्त भी की जा रही है। बृहस्पतिवार को वन विभाग के फॉरेस्टर और अन्य कर्मचारी गांव पहुंचेंगे। पिंजरे में शिकार रखने के साथ ही ग्रामीणों को भी तेंदुए से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा।
लगातार तेंदुए की मौजूदगी और मवेशियों के शिकार से ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है। वहीं, बकरी को बचाने के लिए तेंदुए से सीधे भिड़ने वाले 18 वर्षीय विवेक के साहस की चर्चा पूरे क्षेत्र में है।
