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हल्द्वानी में रोडवेज के 40 चालक-परिचालक एकसाथ छुट्टी पर, अफसरों के उड़े होश, यात्रियों को भारी परेशानी

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हल्द्वानी। उत्तराखण्ड परिवहन निगम ड्यूटी रेस्ट (डीआर) को लेकर रोडवेज कर्मचारी और निगम प्रशासन के बीच तकरार हो गई। रविवार को हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन में उस समय होल्ला हो गया, जब दिल्ली, गुणगांव, फरीदाबाद, देहरादून, गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ मार्ग पर चलने वाले परिचालकों ने एक साथ सोमवार से मेडिकल अवकाश का पत्र निगम प्रशासन को थमा दिया। एक साथ मेडिकल लीव से निगम अफसरों के हाथ पांव फूल गए। मेडिकल लीव की बात इतनी बढ़ गई कि हल्द्वानी सहायक महाप्रबंधक सुरेंद्र सिंह बिष्ट और वरिष्ठ केंद्र प्रभारी मधुशुदन मिश्रा आपस में भिड़ गए।

आनन फानन में सहायक महाप्रबंधक ने वार्ता के लिए संयुक्त मोर्चा को बुलाया गया। लेकिन वार्ता विफल रही। वार्ता विफल होने से माना जा रहा कि सोमवार से निगम अफसरों की मुश्किलें और भी बढ़ सकती है। बता दे कि चालक-परिचालक को पूर्व में मार्ग से लौटने के बाद अगले दिन पूर्ण विश्राम मिलता था। लेकिन अब अगर कोई बस दोपहर चार बजे दिल्ली से हल्द्वानी पहुंचती है तो अगले दिन चालक को फिर बस लेकर रूट पर जाना पड़ता है, जबकि चालक-परिचालक ड्यूटी रेस्ट (डीआर) दिए जाने की मांग कर रहे है। चालक-परिचालकों का कहना है कि डीआर के नाम पर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। अब एक बार फिर से ड्यूटी रेस्ट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को हल्द्वानी डिपो के दिल्ली, गुणगांव, फरीदाबाद, देहरादून, गंगोलीहाट, पिथौरागढ़ मार्ग पर चलने वाले परिचालकों ने एक साथ सोमवार से मेडिकल अवकाश का पत्र निगम प्रशासन को थमा दिया।

इससे अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सहायक महाप्रबंधक सुरेंद्र बिष्ट ने संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन वे अपनी मांगो पर डेट रहे। इस मामले को लेकर सहायक महाप्रबंधक और वरिष्ठ केंद्र प्रभारी मधुशुदन मिश्रा की आपस में जोरदार बहस हो गयी। संयुक्त मोर्चा ने कहा कि बसों के संचालन में एमवी एक्ट के नियमों का पालन करने की मांग की गई थी। इसके मुताबिक आठ घंटे की ड्यूटी के बाद चालक को रेस्ट देने को कहा गया था। फिलहाल सोमवार सुबह सयुक्त मोर्चे को फिर से वार्ता के लिए बुलाया गया है। वार्ता में यदि कोई नतीजा नहीं निकलता है तो निगम अफसरों की मुश्किलें बढ़ने से कोई नही रोक सकता है। इसके लिए निगम के अफसर हर संभव समझौते के प्रयास में लगे हुए है।

कर्मचारियों की सेवा नियमावली 2015 के विपरीत आदेशो का पुरजोर विरोध किया जायेगा। डीआर में डयूटी करा के निगम प्रबंधन कर्मचारियो का मानसिक उत्पीड़न कर रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
कमल पपनै, प्रदेश अध्यक्ष, उतरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन

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