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अब बिना रजिस्ट्रेशन के नहीं रख सकते कुत्ते व पालतू पशु, गंदगी पर 2 हजार का जुर्माना भी

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 हल्द्वानी: श्वान व अन्य पशु पालने के शौकीन एवं व्यावसायियों को नगर निगम से लाइसेंस प्राप्त करना होगा। इसके लिए निर्धारित प्रारूप के माध्यम से नगर निगम में आवेदन करना होगा। श्वान यानी कुत्ता के अलावा बिल्ली, गाय, भैंस, घोड़ा, खच्चर, बैल, सूअर आदि पशु रखने वालों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लाइसेंस के लिए 15 जुलाई से आवेदन शुरू होने जा रहे हैं।

लावारिस पशु शहरों के लिए बड़ी समस्या बनकर उभरे हैं। कुत्ते, गाय, बैल, खच्चर आदि लावारिस छोडऩे से लोगों पर हमले, यातायात प्रभावित होने, आर्थिक नुकसान से लेकर पशुओं पर अत्याचार के मामले सामने आते हैं। इसकी रोकथाम को निगम ने श्वान व पशु लाइसेंस उपविधि 2018 तैयार की है। अब इसे सख्ती से प्रभावी करने की तैयारी है।

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पशुपालकों को निर्धारित प्रारूप में लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। लाइसेंस के साथ मिलने वाला टोकन पशु को गले में लटकाना होगा। कुत्ते को सार्वजनिक स्थान पर मल कराने पर उसे साफ करना होगा। अन्यथा एक हजार रुपये जुर्माना देना होगा। कोई इस तरह की शिकायत करता है तो दो हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। पशु लावारिस छोडऩे पर भी जुर्माने का प्रविधान है।

श्वान व पशु लाइसेंस उपविधि के नियम

-तीन माह से अधिक आयु के पशु का नगर निगम में पंजीयन कराना अनिवार्य। इसमें लिंग, रंग, नस्ल की जानकारी देनी होगी।

-लाइसेंस आवेदन पत्र के साथ 200 रुपये शुल्क जमा कराना होगा।

-कुत्ते को एंटी रेबीज टीका लगा होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।

-प्रत्येक वर्ष अप्रैल या इससे पहले लाइसेंस नवीनीकरण अनिवार्य। अन्यथा 50 रुपये प्रतिमाह विलंब शुल्क देय होगा।

-निगम से जारी टोकन पशु के गले में टांगना होगा।

-कुत्ते को सार्वजनिक स्थान पर मल कराने व पशु का लाइसेंस न बनाने पर एक-एक हजार रुपये जुर्माने का प्रविधान।

-टोकन खोने पर 25 रुपये शुल्क देकर नया प्राप्त करना होगा।

-पड़ोसियों या किसी की ओर से श्वान, पशु के गंदगी करने की शिकायत पर दो हजार रुपये अर्थदंड देना होगा।

यह होगा फायदा

-लावारिस पशुओं की संख्या नियंत्रित होगी।

-पशुओं के लोगों पर हमला करने के मामले रुकेंगे।

-लावारिस कुत्तों की संख्या नियंत्रित होने से कुत्ते के काटने के मामले रुकेंगे।

-गोवंश तस्करी पर अंकुश लगेगा।

-नगर निगम की आय में बढ़ोतरी होगी।

-पशुओं पर होने वाले अत्याचार पर रोक लगेगी।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज कांडपाल ने बताया कि श्वान पशु लाइसेंस उपविधि को सख्ती से लागू कराने जा रहे हैं। सभी को इसकी जानकारी दी जा रही है। पंजीकरण के लिए 15 जुलाई से आवेदन शुरू होंगे।

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