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चुनाव प्रशिक्षण के पहले दिन 71 कार्मिक रहे नदारद, अनुपस्थित कार्मिकों को भेजे जा रहे नोटिस

विधानसभा चुनाव के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। देहरादून में प्रशिक्षण में पहले दिन 71 कार्मिक गैरहाजिर पाए गए। ऐसे सभी कार्मिकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। प्रशिक्षण 21 जनवरी तक जारी रहेगा। रविवार को हाथीबड़कला स्थित सर्वे आडिटोरियम में प्रशिक्षण शुरू किया गया। नोडल अधिकारी कार्मिक/अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा ने बताया कि जो 71 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए, उनमें से 16 ने फोन पर जानकारी दी कि वह कोरोना संक्रमित हैं।

अपर जिलाधिकारी के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी डा. आर राजेश कुमार ने निर्देश दिए हैं कि कोरोना संक्रमित कार्मिक स्वजन के माध्यम से संक्रमित होने की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। रिपोर्ट सिर्फ सरकारी लैब की ही स्वीकार की जाएगी। शेष अनुपस्थित कार्मिकों में से किसी ने भी प्रशिक्षण में उपस्थित नहीं होने का कारण स्पष्ट नहीं किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अनुपस्थित कार्मिकों पर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी जाए।

छोटी लापरवाही बन सकती है बड़े विवाद का कारण : जिलाधिकारी

निर्वाचन ड्यूटी में लगाए गए कार्मिकों के प्रशिक्षण का जिला निर्वाचन अधिकारी ने भी जायजा लिया। उन्होंने कार्मिकों से कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी भी त्रुटि के लिए जगह नहीं होती। छोटी लापरवाही भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है। सभी कार्मिक पूरे मनोयोग के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें और उसके मुताबिक गंभीरता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

तीन कार्मिकों ने नहीं लगवाया टीका

प्रशिक्षण के लिए सभी कार्मिकों का टीकाकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। लिहाजा, प्रशिक्षण में पहुंचने वाले कार्मिकों से टीकाकरण के प्रमाण पत्र प्राप्त लिए रहे हैं। अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि तीन कार्मिक ऐसे पाए गए, जिन्होंने कोरोनारोधी टीके की एक भी खुराक नहीं ली थी। लिहाजा, प्रशिक्षण स्थल पर ही उनका टीकाकरण किया गया। वहीं, 12 कार्मिक एक खुराक वाले मिले। इन्हें मौके पर ही दूसरी खुराक लगाई गई।

तमाम विभाग नहीं भेज रहे कार्मिकों की सूची

जिला निर्वाचन अधिकारी डा. आर राजेश कुमार ने विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकार के विभागों को चुनाव ड्यूटी के लिए कार्मिकों की सूची उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी कई विभागों ने सूची नहीं भेजी है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने ऐसे विभाग/कार्यालयों के प्रमुख के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए कहा है।

नोडल अधिकारी कार्मिक केके मिश्रा ने बताया कि चुनाव में बड़ी संख्या में कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाती है। तमाम कार्मिकों को आरक्षित श्रेणी में भी रखा जाता है, ताकि जरूरत पडऩे पर उनका उपयोग किया जा सके। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने केंद्र सरकार व राज्य सरकार के विभागों को कार्मिकों की सूची देने के लिए कहा था। चुनाव एक अहम प्रक्रिया है और इसके बाद भी विभिन्न विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर ऐसे विभागों को चिह्नित किया जा रहा है। शीघ्र ही संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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