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उत्तराखण्ड

गैरसैंण में धामी का मेगा धमाका! 232 करोड़ की 12 योजनाओं से विकास को रफ्तार, पेयजल के लिए रामगंगा पर बनेगा बांध

 

 

**197.87 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, 34.04 करोड़ के विकास कार्य जनता को समर्पित; सड़क, शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगी मजबूती**

 

भराड़ीसैंण से विकास का बड़ा संदेश, गैरसैंण की पेयजल समस्या से लेकर भू-धंसाव के खतरे तक पर सरकार का फोकस

 

गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के विकास को नई रफ्तार देने का बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 197.87 करोड़ रुपये की छह योजनाओं की आधारशिला रखी गई, जबकि 34.04 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई छह योजनाएं जनता को समर्पित की गईं। इन योजनाओं में सबसे बड़ी परियोजना गैरसैंण शहर और आसपास की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए रामगंगा नदी पर बांध निर्माण की है, जिस पर 122.69 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में विकास का फोकस केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पेयजल संकट, भू-धंसाव से सुरक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और पुलिस एवं अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए घोषित ये परियोजनाएं गैरसैंण तथा आसपास के इलाकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

 

## पेयजल के लिए 122.69 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट

 

गैरसैंण और आसपास की आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए रामगंगा नदी पर बांध निर्माण योजना को सबसे प्रमुख परियोजना के रूप में आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने 122 करोड़ 69 लाख रुपये की इस योजना का शिलान्यास किया। पहाड़ी क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता लंबे समय से महत्वपूर्ण बुनियादी जरूरतों में शामिल रही है। ऐसे में इस परियोजना की प्रगति और इसके पूरा होने से मिलने वाला लाभ स्थानीय लोगों के लिए खास महत्व रखेगा।

 

इसके साथ ही कर्णप्रयाग विकासखंड के बहुगुणानगर में भू-धंसाव से सुरक्षा के लिए 50 करोड़ 18 लाख 68 हजार रुपये की लागत से होने वाले कार्यों का भी शिलान्यास किया गया। भू-धंसाव की आशंकाओं से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी कार्य स्थानीय आबादी और संपत्तियों की सुरक्षा के लिहाज से अहम हैं।

 

## शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता

 

गैरसैंण में तकनीकी शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राजकीय पॉलिटेक्निक के भवन निर्माण पर 12 करोड़ 16 लाख 64 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बछुवाबाण में भवन अनुरक्षण कार्य के लिए 22 लाख 75 हजार रुपये की योजना का शिलान्यास किया गया।

 

शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम के तहत राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण में 4 करोड़ 37 लाख 86 हजार रुपये की लागत से निर्मित ऑडिटोरियम भवन का लोकार्पण किया गया। इससे विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं में विस्तार होगा और शैक्षणिक एवं अन्य संस्थागत गतिविधियों के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा।

 

## गांवों की सड़कों पर भी बड़ा निवेश

 

सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई योजनाओं को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री ने 6 करोड़ 99 लाख 20 हजार रुपये की लागत से कुमोली रैवान मोटर मार्ग के किलोमीटर 2 से फरखण्डे मोटर मार्ग से संबंधित कार्य तथा 5 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपये की लागत से गैरसैंण-पज्याणा मोटर मार्ग के किलोमीटर 2 से कुमोली रैवान मोटर मार्ग से संबंधित कार्यों का शिलान्यास किया।

 

वहीं, 14 करोड़ 82 लाख 32 हजार रुपये की लागत से खजुरखाल-भण्डारीखोड़-कुनीगाड़ मोटर मार्ग (बछुवाबाण-चौखुटिया) के उच्चीकरण कार्य का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा सारकोट-भराड़ीसैंण मोटर मार्ग के किलोमीटर 6 से 11 तक सुधार एवं डामरीकरण पर 4 करोड़ 3 लाख 41 हजार रुपये खर्च किए गए। कारगिल शहीद रणजीत सिंह (आगर-जिनगोड़) मोटर मार्ग के किलोमीटर 1 से 8 तक सुधार, डामरीकरण और नवीनीकरण का कार्य भी 2 करोड़ 17 लाख 98 हजार रुपये की लागत से पूरा किया गया।

 

इन सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने और सड़क संपर्क की स्थिति सुधारने से जुड़ा है। पहाड़ी इलाकों में बेहतर सड़कें स्थानीय लोगों की आवाजाही के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं।

 

## पुलिस और अग्निशमन व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

 

गैरसैंण में सुरक्षा व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो महत्वपूर्ण भवनों का भी लोकार्पण किया गया। इनमें 4 करोड़ 37 लाख 70 हजार रुपये की लागत से निर्मित फायर यूनिट भवन और 4 करोड़ 24 लाख 88 हजार रुपये की लागत से निर्मित थाना गैरसैंण भवन शामिल हैं।

 

इन सुविधाओं से क्षेत्र में पुलिस और अग्निशमन सेवाओं के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध होगा। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में आपात परिस्थितियों के दौरान समय पर कार्रवाई के लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था का महत्व बढ़ जाता है।

 

## विकास योजनाओं के जरिए गैरसैंण पर फोकस

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से एक ही कार्यक्रम में 231.91 करोड़ रुपये की 12 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास गैरसैंण और चमोली जिले में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पेयजल के लिए बड़ी परियोजना, भू-धंसाव से सुरक्षा के कार्य, सड़कों का निर्माण एवं सुधार, शिक्षण संस्थानों की सुविधाएं और सुरक्षा संबंधी भवन इस विकास पैकेज के प्रमुख हिस्से हैं।

 

हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके समयबद्ध क्रियान्वयन, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम पूरा होने पर निर्भर करेगा। खास तौर पर रामगंगा नदी पर प्रस्तावित बांध निर्माण और बहुगुणानगर में भू-धंसाव से सुरक्षा के कार्यों की प्रगति पर स्थानीय लोगों की नजर रहेगी।

 

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, भरत चौधरी, स्थानीय विधायक अनिल नौटियाल, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

 

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