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Women Reservation in Uttarakhand : सरकारी सेवाओं में 30% आरक्षण पर HC ने लगाई रोक, शासन की उच्च स्तरीय बैठक आज

देहरादून : Women Reservation in Uttarakhand : उत्‍तराखंड हाईकोर्ट द्वारा सरकारी सेवाओं में उत्तराखंड मूल की महिलाओं के लिए तय 30 प्रतिशत आरक्षण पर रोक लगाने के निर्णय लिया गया है। जिस पर बुधवार को शासन में मुख्य सचिव डा एसएस संधु की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक होगी।

सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिए जाने की व्यवस्था

इस बैठक में हाईकोर्ट के निर्णय के अध्ययन के बाद उठाए जाने वाले कदमों के संबंध में चर्चा होगी। इसके साथ ही पुलिस की वर्ष 2015 में हुई दारोगा भर्ती की विजिलेंस जांच के संबंध में भी विचार-विमर्श किया जाएगा। राज्य में इस समय उत्तराखंड मूल की महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिए जाने की व्यवस्था है।

2001 में अंतरिम सरकार के दौरान की गई थी व्‍यवस्‍था

  • यह व्यवस्था सबसे पहले राज्य गठन के तुरंत बाद 2001 में अंतरिम सरकार के दौरान की गई थी।
  • उस समय उत्तराखंड मूल की महिलाओं को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लेते हुए शासनादेश जारी किया गया।
  • वर्ष 2006 में तत्कालीन नारायण दत्त तिवारी सरकार ने इस शासनादेश में संशोधन करते हुए उत्तराखंड मूल की महिलाओं को 20 के स्थान पर 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिए जाने की व्यवस्था की।
  • इसी आधार पर अभी तक महिलाओं को राज्याधीन सेवाओं, निगम, सार्वजनिक उपक्रम व स्वायत्तशासी संस्थाओं में आरक्षण का लाभ दिया जा रहा था।
  • हाईकोर्ट के निर्णय के बाद से ही सरकार मंथन में जुटी है। इस संबंध में एक्ट बनाने पर भी विचार चल रहा है।

2015 दरोगा भर्ती की विजिलेंस जांच के संबंध में भी चर्चा की जाएगी

अब इस संबंध में मुख्य सचिव डा एसएस संधु की अध्यक्षता में एक अहम बैठक बुधवार को होगी, जिसमें न्याय व कार्मिक विभाग के साथ ही अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

इसके साथ ही प्रदेश में वर्ष 2015 में हुई दरोगा भर्ती की विजिलेंस जांच के संबंध में भी बैठक में चर्चा की जाएगी। इसमें विजिलेंस जांच की अनुमति देने और जांच की प्रकृति तय करने के संबंध में विचार-विमर्श होगा।

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