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पत्नियों और मां ने की प्रेस कांफ्रेंस, पुलिस ने पतियों और बेटे को कर दिया सस्पेंड

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस ग्रेड-पे मामला एक बाद फिर से तूल पकड़ रहा है। इस मामले में पुलिस परिजनों ने सरकार को एक सप्ताह का अल्टिमेटम दिया है। वहीं, पुलिस और सरकार ने दबाव की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। पुलिस ने ग्रेड-पे मामले में आंदोलन में मुख्य भूमिका में नजर आ रही पुलिसकर्मी की पत्नी के आंदोलन की सजा उनके पति को दी गई।

पुलिस मुख्यालय ने ग्रेड-पे मामले में तीन पुलिस जवानों को सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद से पुलिस परिजन और गुस्से में आग गए हैं। निलंबित पुलिसकर्मियों में से एक उत्तरकाशी, दूसरा चमोली और तीसरा पुलिस मुख्यालय में तैनात है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

पत्नियों और मां ने की प्रेस कांफ्रेंस, पुलिस ने पतियों और बेटे को कर दिया सस्पेंड

उत्तरकाशी में तैनात सिपाही कुलदीप भंडारी की पत्नी आशी भंडारी, पुलिस मुख्यालय में तैनात दिनेश चंद की पत्नी उर्मिला चंद और चमोली में कार्यरत हरेंद्र रावत की मां शकुंतला ने पत्रकारों से वार्ता की थी। पुलिस ने तीनों ही पुलिस जवानों को सस्पेंड कर दिया।

पुलिस ने निलंबन के पीछे कर्मचारी आचरण सेवा नियमावली के उल्लंघन को वजह बताया है। अधिकारियों का कहना है कि 4600 ग्रेड-पे के संबंध में जवानों के परिजनों ने पत्रकार वार्ता की थी। यह सीधेतौर पर सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली की धारा 5 (2) और 24 (क) का उल्लंघन है। इसके क्रम में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

वहीं, निलंबित जवान कुलदीप भंडारी की पत्नी आशी भंडारी ने निलंबन की कार्रवाई को तानाशाही बताया है। उन्होंने कहा कि यह एकदम गलत है। उनको चुप कराने के लिए पहले उनके पति का ट्रांसफर कर दिया और जब वो नहीं डरी तो सस्पेंड कर दिया। उनका कहना है कि अगर जल्द फैसला नहीं बदला गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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