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उत्तराखण्ड

कमिश्नर सड़क पर उतरे तो कशमकश में अफसर…समन्वय नहीं तो जवाबदेही तय : आयुक्त ने किया 230 करोड़ की सड़क व ड्रेनेज परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर किसी तरह का समझौता नहीं करने के दिए निर्देश

समन्वय नहीं तो जवाबदेही तय : आयुक्त ने किया 230 करोड़ की सड़क व ड्रेनेज परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर किसी तरह का समझौता नहीं करने के दिए निर्देश

हल्द्वानी। कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने मंगलवार को हल्द्वानी शहर में यूयूएसडीए की ओर से करीब 230 करोड़ रुपये की लागत से संचालित सड़क एवं ड्रेनेज परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण कार्यों में हो रही देरी पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

 

 

आयुक्त ने कैंप कार्यालय से पैदल मंगल पड़ाव तक सड़क एवं ड्रेनेज कार्यों का जायजा लिया। इसके बाद शनि बाजार क्षेत्र में निर्माणाधीन नाले का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

 

 

 

निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय के अभाव से परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इस पर उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। यूयूएसडीए अधिकारियों को माइक्रो प्लान तैयार कर तेजी से काम कराने को भी कहा।

 

 

 

दीपक रावत ने कहा कि शहर में निर्माण कार्यों के चलते विभिन्न स्थानों पर बने गड्ढों से आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। यदि कार्यों में अनावश्यक देरी हुई तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

 

 

 

हाल ही में बरेली रोड पर हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुए आयुक्त ने बताया कि एनएचएआई अधिकारियों के साथ मिलकर दुर्घटना संभावित स्थान पर अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय रॉन्ग साइड का प्रयोग न करें, क्योंकि यह गंभीर हादसों का कारण बन सकता है। साथ ही एनएचएआई को दुर्घटना संभावित स्थलों पर शीघ्र साइनेज लगाने के निर्देश भी दिए।

 

 

 

आयुक्त ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क खोदने के बाद उसकी समय पर पुनर्स्थापना और सुरक्षा मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

 

 

निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, परियोजना निदेशक यूयूएसडीए मृदुला सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर गुरप्रीत सिंह, उपजिलाधिकारी मोनिका, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रत्यूष सिंह सहित विद्युत, पेयजल एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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