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धामी सरकार का क्या है विजन? 29 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में राज्यपाल गुरमीत सिंह सदन में बताएंगे खास बातें

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटायर्ड) मंगलवार को विधानसभा में धामी सरकार का विजन प्रस्तुत करेंगे। 29 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के पहले दिन बजट अभिभाषण के साथ ही लेखानुदान भी प्रस्तुत किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी की अध्यक्षता में सोमवार को विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक हुई जिसमें पांचवीं विधानसभा के पहले सत्र के पहले दिन का एजेंडा तय किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने बताया कि मंगलवार को सदन में पहले दिन राज्यपाल का बजट अभिभाषण होगा और उसके बाद सरकार सदन में लेखानुदान भी पेश करेगी। राज्यपाल का बजट अभिभाषण सरकार का विजन होता है जिसमें सरकार अपनी प्राथमिकताओं और भावी योजनाओं का खाका खींचती है।

मंगलवार को एक बार फिर कार्य मंत्रणा की बैठक होगी जिसमें बुधवार का एजेंडा तय किया जाएगा। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजान दास, बहुजन समाजवादी पार्टी के विधान मंडल दल के नेता हाजी शहजाद मौजूद रहे।

पांच हजार करोड़ के करीब का लेखानुदान
मंगलवार को सरकार सदन में पांच हजार करोड़ के करीब का लेखानुदान लाएगी। यह अगले चार महीनों के लिए सरकार के खर्चों का लेखाजोखा होगा। वित्त विभाग के सूत्रों ने बताया कि जुलाई में सरकार अपना पहला पूर्ण बजट विधानसभा में पेश कर सकती है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने कहा कि लेखानुदान राजस्व और खर्चों का लेखा जोखा मात्र होता है।

जब सरकार के पास पूरा बजट तैयार करने का समय न हो ऐसे में लेखानुदान पारित किया जाता है। लेखानुदान में तीन या चार महीनों के लिए सरकारी कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य सरकारी कार्यों के लिए राजकोष से धन लेने का प्रस्ताव होता है। संविधान के अनुसार राजकोष से धन निकालने के लिए विधानसभा की मंजूरी आवश्यक है।

ऐसे में बजट पेश न होने की सूरत में लेखानुदान पेश करना होता है। लेखानुदान में सरकार नई घोषणाओं के लिए धनराशि का प्रावधान नहीं करती। इसके अलावा नीतिगत निर्णय भी नहीं लिए जाते हैं।

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