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कहीं यहां भी घपला तो नहीं हुआ है,हाकम के कई रिश्तेदार बने हैं JE!

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देहरादून: हाकम सिंह रावत नकल माफियाओं का ऐसा सरगना निकला, जिसने ना केवल उत्तरकाशी जिले का नाम मिट्टी में मिलाया। बल्कि, राज्य के नाम पर भी कलंक लगा दिया। हालांकि, हाकम के साथ इन काले कारनामों में कौन-कौन सहयोगी था, उसका खुलासा होना भी जरूरी है। अभी तक कई गिरफ्तार भी हो चुके हैं। लेकिन, कुछ सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ ही हाकम के नजदीकी लोगों पर भी शिकंजा कसना बाकी है।

असल सवाल यह है कि हाकम ने जिन तमाम विभागों में पैसों के दम पर नौकरियां लगवाई, उन विभागों में हाकम का असल हकीम या यूं कहें उसका आका कौन था। इस बात का खुलासा करना भी बहुत जरूरी है। हाकम से जुड़ा एक और खुलासा होने का दावा किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में इसको लेकर कई बातें भी सामने आई हैं।

पर्वतजन की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के VDO/VPDO पेपर में बड़े स्तर पर हुए घोटाले में STF गिरफ्त में आ चुके भाजपा के पंचायत सदस्य हाकम सिंह, एक बड़ा नकल माफिया है जिसके तार अभी कहां-कहां जुड़ेंगे यह तो आने वाली जांच में ही पता चलेगा। हाकम को बाद में भाजपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

VDO/VPDO एग्जाम के साथ ही ऊर्जा निगम के JE के एग्जाम में भी बड़े घोटाले की आशंका नजर आ रही है। क्योंकि हाकम सिंह का एक करीबी रिश्तेदार ऊर्जा निगम के जेई के एग्जाम में निकला है। इसने अपना डिप्लोमा देहरादून के अल्पाइन इंस्टिट्यूट से किया। बताया जा रहा है कि वो पढ़ाई में बहुत कमजोर था, उसने डिप्लोमा पूरा करने ही 5 साल लगा दिए थे।

इसके साथ ही तीन और लोगों का नाम भी JE घपले में आ रहा है। इनमें से दो के अभिभावक जिला पंचायत सदसय हैं और एक का दोस्त अंकित रमोला है। वही अंकित रमोला जो VDO में पकड़ा गया है। हाकम सिंह के छोटे भाई की पत्नी के दो भाई भी JE हैं, जो संदेह के घेरे में हैं। अंकित रमोला की पत्नी भी हाकम की रिश्तेदार बताई जा रही हैं।

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