अपराध
अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार की हत्या से बागेश्वर में सनसनी, महिला और देवर गिरफ्तार, महिला के घर में हुआ कत्ल, रात के अंधेरे में गोमती नदी में फेंका शव
**17 दिन तक लापता रहे अधिवक्ता की मौत का पुलिस ने किया खुलासा, महिला और उसका देवर गिरफ्तार; लोहे की रॉड से सिर पर किए थे दो वार, चारपाई के नीचे छिपाया था शव**
**बागेश्वर।** उत्तराखंड के बागेश्वर में 17 दिन से लापता चल रहे अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू की गुमशुदगी का मामला आखिरकार एक सनसनीखेज हत्याकांड के रूप में सामने आया है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए एक महिला और उसके देवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के खुलासे के मुताबिक, युवक की हत्या महिला के घर के भीतर लोहे की रॉड से सिर पर दो वार करके की गई। हत्या के बाद शव को चारपाई के नीचे छिपा दिया गया। अगले दिन महिला ने अपने देवर को इसकी जानकारी दी और दोनों ने मिलकर शव को कार में रखा तथा बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुणाई बैंड के समीप गोमती नदी में फेंक दिया।
पुलिस के अनुसार, मृतक धीरेंद्र परिहार (35) निवासी तल्ली बाजार, बागनाथ वार्ड 17 अक्टूबर 2026 की शाम करीब छह बजे बागेश्वर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद उनकी मां नंदी परिहार ने 31 अक्टूबर को कोतवाली बागेश्वर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने एफआईआर संख्या 79/26 के तहत बीएनएस की धारा 140(3) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
**मोबाइल सर्विलांस ने खोला हत्या का राज**
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बागेश्वर के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने गुमशुदा युवक की तलाश में परिजनों और संबंधित क्षेत्रों से जानकारी जुटाने के साथ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सार्वजनिक स्थानों पर युवक के फोटो वाले पंपलेट भी चस्पा किए गए।
जांच के दौरान मोबाइल सर्विलांस और संदिग्ध मोबाइल नंबरों के तकनीकी विश्लेषण से पुलिस को एक अहम सुराग मिला। सामने आया कि गुमशुदगी के दिन से ही एक संदिग्ध नंबर के संपर्क में धीरेंद्र परिहार थे और उनकी आखिरी बातचीत भी इसी नंबर पर हुई थी। पुलिस ने जब इस नंबर की जानकारी जुटाई तो वह नुमाइशखेत निवासी लता भंडारी पत्नी स्वर्गीय मोहित भंडारी के नाम पर पंजीकृत पाया गया।
इसके बाद पुलिस ने महिला के घर के आसपास निगरानी बढ़ाई और सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। पुलिस को 19 अक्टूबर की रात एक कार संदिग्ध परिस्थितियों में जाते हुए दिखाई दी। वहीं, गुमशुदा युवक की जुपिटर स्कूटी 2 नवंबर को चिल्ड्रन पार्क नुमाइशखेत के पास खड़ी मिली।
**जबरदस्ती के विरोध पर लोहे की रॉड से किया हमला**
पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार, महिला से गहन पूछताछ में उसने बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेंद्र परिहार अत्यधिक शराब के नशे में उसके घर पहुंचे थे। महिला के बयान के मुताबिक, जब धीरेंद्र उसके साथ जबरदस्ती करने लगे तो उसने विरोध किया। इसी दौरान गुस्से में आकर उसने घर में रखी लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर दो बार वार कर दिया। हमले के बाद धीरेंद्र वहीं गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।
महिला ने इसके बाद शव को अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया। अगले दिन यानी 18 अक्टूबर की सुबह उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने देवर त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को दी। आरोप है कि दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
**कार की पिछली सीट पर रखा शव, नदी में फेंककर लौट आए**
पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर की रात महिला का देवर उसके घर पहुंचा। इसके बाद दोनों ने शव को मारुति कार की पिछली सीट पर रखा और बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुणाई बैंड के समीप पहुंचे। वहां से शव को नीचे गोमती नदी में फेंक दिया। इसके बाद दोनों ने घटना को छिपाने का प्रयास किया।
पुलिस ने आरोपियों से मिली जानकारी और उनकी निशानदेही के आधार पर 3 नवंबर की शाम सर्च अभियान चलाया। काफी प्रयासों के बाद गोमती नदी के पास से धीरेंद्र परिहार का शव बरामद किया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और कार भी बरामद कर ली है।
**42 वर्षीय महिला और 39 वर्षीय देवर गिरफ्तार**
बागेश्वर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें लता भंडारी (42) पत्नी स्वर्गीय मोहित भंडारी निवासी नुमाइशखेत, थाना व जनपद बागेश्वर तथा त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू (39) पुत्र मदन सिंह बिष्ट निवासी कठायतबाड़ा, थाना व जनपद बागेश्वर शामिल हैं।
पुलिस ने गुमशुदगी के मामले में दर्ज मुकदमे की धाराओं में संशोधन करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 61(2) के तहत विवेचना की है। पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शव का पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
धीरेंद्र परिहार के लापता होने के बाद बागेश्वर में उनकी तलाश को लेकर अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई थी। 17 दिनों तक जिस युवक की सकुशल वापसी की उम्मीद में परिजन इंतजार कर रहे थे, उसकी हत्या का खुलासा होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
कस्तूरी न्यूज़ नेटवर्क
