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Russia Ukraine News: रूस-यूक्रेन की लड़ाई में देहरादून में खाद्य तेल के दाम चढ़े, अब इतनी हुई कीमत

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का असर दून के बाजार पर भी दिख रहा है। सूरजमुखी के तेल का आयात घटने से अन्य खाद्य तेल के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। सोयाबीन रिफाइंड और सरसों की डिमांड बढ़ने के कारण महज 10 दिन में दामों में 15 से 20 रुपये प्रति किलो का इजाफा हो गया है।

दामों में लगातार इजाफा

दून में खाद्य तेल के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। व्यापारी इसका कारण रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को बता रहे हैं। दून के व्यापारी राजेंद्र कुमार गोयल बताते हैं कि शहर में करीब 70-80 फीसद खाद्य तेल की आपूर्ति अहमदाबाद से होती है। जहां आयात किया जा रहा रिफाइंड तेल पहुंचता है। भारत में सूरजमुखी का तेल यूक्रेन और रूस से आयात किया जाता है। जो कि युद्ध के कारण प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सोयाबीन रिफाइंड की डिमांड में खासा इजाफा हुआ है। उपलब्धता कम होने के कारण दाम बढ़ गए हैं। वहीं पाल आयल, ओलिव आयल और सरसों की भी मांग बढ़ी है। राजेंद्र के मुताबिक पिछले 10 दिन में सभी प्रकार के तेल के दाम में 15 से 20 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है। साथ ही फिलहाल दाम अधिक बने रहने के ही आसार हैं।

फुटकर बाजार में तेल के दाम – रुपये में

सोयाबीन रिफाइंड – 180-195

सूरजमुखी रिफाइंड – 170-185

पाल आयल- 165-170

सरसों तेल- 190-210

थोक बाजार में दाम

सोयाबीन रिफाइंड- 2500-2700

सूरजमुखी रिफाइंड- 2450-2650

पाल आयल- 2350-2600

सरसों तेल- 2700-2850

मुनाफाखोरी का भी अंदेशा

वैश्विक परिस्थितियों के नाम तक अक्सर खाद्य पदार्थों की जमाखोरी के मामले भी सामने आते हैं। यूक्रेन और रूस के युद्ध के बीच खाद्य तेलों के दाम बढ़ने के पीछे भी मुनाफाखोर शामिल होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। बाजार में विदेश से आयात बंद होने के बहाने कई बार मुनाफाखोर स्टाक जमा कर लेते हैं और फिर मांग बढ़ने पर अधिक दाम के साथ उत्पाद बेचते हैं।

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