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ऋषिकेश एम्स घोटाला: प्रोफेसर के घर पर मिली विदेशी ब्रांड की शराब, आरोपितों से जल्द पूछताछ करेगी CBI

देहरादून: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपितों पर मुकदमा दर्ज करने के बाद अब सीबीआइ मजबूत साक्ष्य जुटाने में जुट गई है। सीबीआइ जल्द ही घोटालों से जुड़े आरोपितों से पूछताछ शुरू कर सकती है। इसके साथ ही मामले के गवाहों के बयान भी जल्द दर्ज किए जाएंगे।

सीबीआइ दो से सात फरवरी तक एम्स ऋषिकेश में चेकिंग कर जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले चुकी है। सूत्रों की मानें तो चेकिंग के दौरान सीबीआइ के सामने कई और भी गड़बडिय़ां सामने आई हैं। स्वीपिंग मशीन और मेडिकल स्टोर टेंडर में घपलेबाजी का मामला हाथ लगने के बाद सीबीआइ ने प्राथमिकता के आधार पर इन दोनों मामलों में मुकदमे दर्ज किए हैं। आने वाले दिनों में सीबीआइ विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के मामले में भी कार्रवाई कर सकती है।

चिकित्सकों व अन्य की आय की भी होगी जांच

सीबीआइ की ओर से एम्स के तीन प्रोफेसर, प्रशासनिक अधिकारी और लेखाधिकारी की आय की जांच करेगी। विवेचना के दौरान यदि दोनों मुकदमों में और भी किसी सरकारी कर्मचारी का नाम सामने आता है तो उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

यह है पूरा मामला

एम्स में रोड स्वीपिंग मशीन व केमिस्ट शाप के आवंटन में टेंडर प्रक्रिया को ताक पर रख करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का घोटाला सीबीआइ के संज्ञान में आया था। इन मामलों में सीबीआइ ने तीन प्रोफेसरों सहित आठ के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। मशीन बेचने वाली कंपनी से करोड़ों रुपये के कंकाल खरीदने का मामला भी सामने आया है। सीबीआइ एम्स से जुड़ी अन्य गड़बडिय़ों की जांच भी कर रही है।

सीबीआइ को मिली एम्स के प्रोफेसर के घर में विदेशी ब्रांड की शराब

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में मशीन खरीद और मेडिकल स्टोर के टेंडर घोटाले में सीबीआइ की ओर से नामजद आरोपितों के घर पर दबिश दी गई थी। शुक्रवार को माइक्रोबायोलाजी विभाग में तैनात प्रोफेसर प्रो. बलराम जी ओमर के घर से कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में विदेशी शराब पाई गई।

सीबीआइ की सूचना पर मौके पर पहुंची आबकारी विभाग की टीम ने अलग-अलग विदेशी ब्रांड की 32 बोतल शराब बरामद की है। आबकारी अधिनियम के तहत इस मामले में मुकदमा दर्ज कर प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि उन्हें मौके पर जमानत दे दी गई। सीबीआइ की ओर से एम्स ऋषिकेश में रोड स्वीपिंग मशीन और मेडिकल स्टोर टेंडर में घोटाले को लेकर दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे।

शुक्रवार को सीबीआइ टीम जब प्रो. बलराम जी ओमर के घर की जांच कर रही थी तो वहां बड़ी मात्रा में अलग अलग विदेशी ब्रांड की शराब की बोतल पाई गई थी। शनिवार को आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट ने बताया कि टीम एम्स परिसर में बलराम जी ओमर के आवास पर पहुंची। मौके से 32 बोतल शराब बरामद की गई।

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