उत्तराखण्ड
विकास पर राजनीति: 786 करोड़ के ड्रेनेज प्लान पर सियासी संग्राम, मेयर-विधायक आमने-सामने
विकास पर राजनीति: 786 करोड़ के ड्रेनेज प्लान पर सियासी संग्राम, मेयर-विधायक आमने-सामने
रुद्रपुर। शहर को जलभराव से राहत दिलाने के लिए स्वीकृत 786.73 करोड़ रुपये के मास्टर ड्रेनेज प्लान पर अब राजनीतिक श्रेय की जंग छिड़ गई है। योजना को मंजूरी मिलने के बाद रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा और विधायक शिव अरोरा दोनों इसे अपनी-अपनी पहल और प्रयासों का परिणाम बता रहे हैं। चुनावी माहौल से पहले इस बड़ी परियोजना को लेकर सत्ता पक्ष के दो नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ चर्चा का विषय बन गई है।
मेयर विकास शर्मा ने कहा कि उन्होंने योजना को मंजूरी दिलाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर लगातार प्रयास किए। शासन और अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकों के अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी कई बार मुलाकात कर शहर के लिए स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था की मांग रखी। उनका दावा है कि इस स्वीकृति से रुद्रपुर को भविष्य में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
वहीं विधायक शिव अरोरा ने प्रेसवार्ता कर कहा कि वर्ष 2022 में विधायक बनने के बाद से ही उन्होंने मास्टर ड्रेनेज सिस्टम का मुद्दा लगातार उठाया। विधानसभा में भी इस विषय को प्रमुखता से रखा गया और सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए योजना को मंजूरी दी। उन्होंने इसे अपनी मेहनत का परिणाम बताते हुए मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया।
पहले चरण में होगा 441.79 करोड़ का काम
शासन के अनुसार योजना के प्रथम चरण में 441.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत शहर में 61 नए नालों का निर्माण, 67 किलोमीटर सेकेंड्री ड्रेन नेटवर्क और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पांच पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ट्रांजिट कैंप, आवास विकास, गल्ला मंडी और मुख्य बाजार जैसे हर वर्ष जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों को इस परियोजना से सबसे अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परियोजना रुद्रपुर के लिए अहम साबित हो सकती है, लेकिन अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि श्रेय की सियासत के बीच योजना का क्रियान्वयन कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।
