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राजस्थान से जुड़े हैं आनलाइन हथियार सप्लाई के तार, कुमाऊं एसटीएफ ने शुरू की वाट्सएप नंबरों की जांच

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 हल्द्वानी: फेसबुक और वाट्सएप पर आनलाइन हथियारों की तस्करी के तार राजस्थान से जुड़े हैं। कुमाऊं एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है। एसटीएफ ने वाट्सएप नंबरों की जांच शुरू कर दी है। आरोपितों तक पहुंचने की लिए राजस्थान पुलिस से संपर्क साधने की तैयारी है। रुद्रपुर की एसओजी टीम हथियार सप्लायरों का लोकल कनेक्शन खंगाल रही है।

गौरतलब है कि फेसबुक और वाट्सएप पर इनदिनों आनलाइन अवैध हथियार सप्लाई का धंधा चल रहा है। फेसबुक पर हथियार सप्लायरों के कई नामों से पेज बने हुए हैं। इन फेसबुक पेजों पर मोबाइल नंबर अंकित किए गए हैं। ताकि ग्राहक उनसे सीधा संपर्क कर सकें।

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असल में इनका खेल बड़ा अचंभित करने वाला है फेसबुक पर अंकित नंबर पर काल करने पर पहले कालर आपको समझने में थोड़ा वक्त लगाता है। इसके बाद हथियारों की आनलाइन ब्रिकी का खेल शुरू होता है।

डिमांड करने पर सबसे पहले मनपसंद हथियार लेने के लिए वाट्सएप पर आना पड़ेगा। डीलर वाट्सएप पर हथियारों की फोटो भेजकर उनकी कीमत बताता है। हथियार पसंद आने पर 1100 रुपये एडवांस देने पड़ते हैं। दो दिन बाद उनके गैंग का सदस्य हथियार लेकर ग्राहक के पास पहुंच जाता है।

4500 के तमंचे से लेकर 30 हजार की पिस्टल तक उपलब्ध होने की बात कही जाती है। पूरा मामला सामने आने पर कुमाऊं एसटीएफ एक्शन में है। वाट्सएप नंबरों व फेसबुक पेज की जांच शुरू कर दी है। अधिकांश वाट्सएप नंबर राजस्थान के पाए गए हैं। एसटीएफ राजस्थान पुलिस से संपर्क कर आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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फेसबुक पेज लाक कराएगी साइबर पुलिस

साइबर पुलिस फेसबुक पर चल रहे हथियारों के पेज लाक कराएगी। साइबर थाना प्रभारी ललित जोशी ने बताया कि साइबर अपराध के दृष्टि से फेसबुक पेज लाक किया जाएगा। गोपनीय जांच कर आरोपितों पर नजर रखी जा रही है।

क्या कहते हैं अधिकारी

– डीआइजी कुमाऊं डा. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि अवैध हथियार की आनलाइन सप्लाई की जांच एसटीएफ व एसओजी से कराई जा रही है। आरोपितों के तार राजस्थान से जुडऩा बताया जा रहा है। मामले से जल्द पर्दा हटाया जाएगा।

-एसटीएफ कुमाऊं प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार जांच की जा रही है। वाट्सएप नंबरों व फेसबुक पेज से आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

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