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प्रदेश में कई जगह भूस्खलन की वजह से सड़कें बंद हैं, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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उत्तराखंड में मानसून आते ही मचने लगी तबाही, काली नदी में उफान, जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग बहा

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पिथौरागढ़: मानसून की आहट से पहले ही प्रदेश में हालात बिगड़ने लगे हैं। भारी बारिश के चलते जगह-जगह नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। भूस्खलन की वजह से सड़कें बंद हैं, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुमाऊं क्षेत्र से भी तबाही की तस्वीरें आई हैं।

यहां गोरी गंगा, रामगंगा, मंदाकिनी, सेरा नदी, जाकुला, गोसी नदी सहित सभी नालों का जलस्तर बढ़ गया है। जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग सेराघाट के पास बह गया है और वाहन रास्ते में फंसे हैं। क्वीटी के पास जाकुला नदी किनारे एक शव बह कर आया है। पिथौरागढ़ में थल-मुनस्यारी मार्ग भी बंद है। रामनगर में शनिवार रात से बारिश हो रही है।

नैनीताल में भी कोहरे के बीच बारिश का सिलसिला जारी है। 3 दिन पहले काली नदी का जलस्तर बढ़ने से तवघाट-लिपुलेख मार्ग भी बंद हो गया था, फिलहाल सड़क को ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। गुरुवार से काली नदी ऊफान पर है। जिसके चलते बूंदी से मालपा के बीच कोटना लामारी के मध्य नदी के कटाव के कारण 15 मीटर सड़क बह गई थी। शुक्रवार से बीआरओ द्वारा यहां पर सड़क खोलने का कार्य शुरू किया गया।

शनिवार दोपहर तक वाहनों के लिए सड़क खोल दी गई। इससे आदि कैलाश यात्रा पर गए यात्रियों को भी राहत मिली है। यात्रा के लिए निकला 18वां दल इसी मार्ग से सोमवार को गुंजी पहुंचेगा। अगर आप भी पहाड़ की यात्रा पर जा रहे हैं तो मौसम देखकर ही यात्रा शुरू करें। प्रदेशभर में बारिश का दौर जारी है। जिससे जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं।

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