Connect with us

Uncategorized

दूध मांगोगे तो खीर देंगे “पराठा” मांगोगे तो “चीर” देंगे सूखी रोटी खाओ वर्ना लगान चुकाओ

खबर शेयर करें -

यदि आप पराठा (frozen) खाना चाहते हैं तो उस पर 18 फीसदी जीएसटी चुकाना पड़ेगा, वहीं रोटी खाना चाहते हैं तो 5 फीसदी। फ्रोजन रोटी-पराठे पर जीएसटी को लेकर पहले भी सवाल उठे हैं। इस उद्योग से जुड़ी कंपनियों का कहना है कि दोनों को बनाने की मूल सामग्री चूंकि गेहूं का आटा है, इसलिए इस पर समान जीएसटी लागू होना चाहिए। वाडीलाल इंडस्ट्रीज का कहना था कि वह 8 तरह के पराठे बनाती है। इसमें मुख्यतः आटे का ही इस्तेमाल होता है। मालाबार पराठे में आटे की मात्रा 62 फीसदी और मिक्स्ड वेजिटेबल पराठे में 36 फीसदी होती है।

लेकिन गुजरात जीएसटी प्राधिकरण ने कहा कि रोटी रेडी टू ईट है, जबकि कंपनी का पराठा रेडी टू कुक है। कर प्राधिकारियों का साफ कहना है कि पराठा रोटी से पूरी तरह अलग है। रोटी या चपाती को आप बगैर मक्खन या घी लगाए भी खा सकते हैं, लेकिन पराठा इनके बगैर नहीं बनता, चूंकि घी चुपड़ी रोटी या पराठा एक तरह से विलासिता की श्रेणी में आते हैं, इसलिए इन पर 18 फीसदी की दर से कर वसूलना लाजमी है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in Uncategorized

Recent Posts

Facebook

Trending Posts