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असम में बवंडर: चक्रवात से पहले बारपेटा जिले में दिखा टॉरनेडो, लोगों ने कैमरे में कैद किया VIDEO

असम के बारपेटा जिले में शनिवार को कम तीव्रता का बवंडर आया, जिसने यहां निवासियों को आश्चर्यचकित कर दिया. उन्होंने अपने-अपने स्मार्टफोन कैमरों में इस दुर्लभ मौसम की घटना को कैद किया. अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं आई है. ईस्टमोजो ने गुवाहाटी में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र में मौसम विज्ञान के उप महानिदेशक संजय ओ’नील शॉ के हवाले से कहा, “शनिवार को असम के बारपेटा के चेंगा जिले में एक कम तीव्रता वाला बवंडर आया, लेकिन यह एक चक्रवात नहीं है.”

अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण अंडमान सागर पर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने और अगले सप्ताह की शुरुआत तक आंध्र प्रदेश-ओडिशा के समुद्र तट तक पहुंचने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में मौसम प्रणाली के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और शनिवार तक दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है. यह रविवार शाम तक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है.

ओडिशा सरकार के अनुसार, मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए आपदा मोचन बल और दमकल सेवाओं को तैयार रहने को कहा गया है. क्षेत्र में पिछली तीन गर्मियों में चक्रवाती तूफान आए थे. ओडिशा में 2021 में ‘यास’, 2020 में ‘अम्फान’ और 2019 में ‘फानी’ तूफान आया था.

10 मई तक ओडिशा के तट पर पहुंच सकता है चक्रवात
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि निम्न दाब के क्षेत्र के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में दबाव के क्षेत्र में बदलने तथा पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है. यह 10 मई तक तट पर पहुंच सकता है. महापात्र ने कहा, “हमने अभी यह अनुमान नहीं जताया है कि यह कहां दस्तक देगा. हमने इसके दस्तक देने के दौरान हवा की संभावित गति का भी कोई जिक्र नहीं किया है.”

आपात स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने की तैयारी
ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी. के. जेना ने कहा, “हमने एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) के 17 दलों, ओडीआरएएफ (ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल) और दमकल विभाग के 175 दलों को बुलाया है.” इसके अलावा, एनडीआरएफ प्राधिकारियों से किसी भी आपात स्थिति के लिए 10 और दलों को तैयार रखने का अनुरोध किया गया है. जेना ने बताया कि समुद्र में मछुआरों की गतिविधि पर नजर रखने के लिए भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को चौकन्ना रहने को कहा गया है.साभार न्यू मीडिया।

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