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मॉरीशस के समुद्र तट से रहस्यमय तरीके से गायब हुआ अल्मोड़ा का युवक, परिजनों ने जताई साजिश की आशंका
मॉरीशस के समुद्र तट से रहस्यमय तरीके से गायब हुआ अल्मोड़ा का युवक, परिजनों ने जताई साजिश की आशंका
छह दिन से धर्मेंद्र बिष्ट का सुराग नहीं, चार युवकों पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप; केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने विदेश मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग से मांगी मदद
देहरादून। मॉरीशस में नौकरी कर परिवार का सहारा बने अल्मोड़ा के युवक धर्मेंद्र बिष्ट के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है। 27 सितंबर से धर्मेंद्र का कोई पता नहीं चल पाया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि उसके साथ कोई अनहोनी हुई है और पूरे मामले में साजिश की जांच की जानी चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अल्मोड़ा सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने विदेश मंत्रालय और मॉरीशस स्थित भारतीय उच्चायोग से तत्काल हस्तक्षेप करने को कहा है।
धर्मेंद्र बिष्ट अल्मोड़ा जिले की द्वाराहाट तहसील के कुंथाड़ी गांव का निवासी है। वह मार्च 2025 से मॉरीशस में काम कर रहा था और मोका स्थित बागाटेला मॉल के थाई फूड गैंग रेस्टोरेंट में करीब डेढ़ साल से सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत बताया गया है।
चार युवकों के साथ समुद्र तट पर जाने की बात
धर्मेंद्र की बहन हेमा रौतेला के अनुसार 28 सितंबर की सुबह उनके पति के पास मॉरीशस से फोन आया कि धर्मेंद्र 27 सितंबर की शाम करीब पांच बजे से लापता है। परिवार का कहना है कि धर्मेंद्र ने उस दिन छुट्टी की कोई योजना नहीं बनाई थी और न ही कार्यालय में अवकाश के लिए आवेदन किया था।
हेमा के मुताबिक, धर्मेंद्र जब अपने कमरे में था, तभी चार युवक उससे मिलने पहुंचे। परिजनों का दावा है कि ये युवक उसे मॉरीशस के प्वाइंट नेचुरल नामक समुद्र तट की ओर ले गए। परिवार ने आयुष बिष्ट, गौरव मेहता, भूपेंद्र राणा और राहुल राणा के नाम सामने रखे हैं। हेमा का कहना है कि धर्मेंद्र केवल आयुष बिष्ट को जानता था, जबकि अन्य तीन युवक उसके लिए परिचित नहीं थे।
मोबाइल और कपड़े दूसरे युवक के पास मिलने पर सवाल
परिजनों को सबसे अधिक संदेह इस बात को लेकर है कि समुद्र तट से धर्मेंद्र के लापता होने के बाद उसका मोबाइल फोन और कपड़े आयुष बिष्ट के पास से मिलने की बात सामने आई है। परिवार का सवाल है कि यदि धर्मेंद्र समुद्र में बह गया या किसी दुर्घटना का शिकार हुआ, तो उसके निजी सामान दूसरे व्यक्ति के पास कैसे पहुंचे।
हेमा रौतेला का यह भी दावा है कि परिवार को एक वीडियो मिला है। उनका कहना है कि वीडियो की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं और इसकी जांच की जानी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
रेस्टोरेंट प्रबंधन पर भी लगाए सहयोग नहीं करने के आरोप
धर्मेंद्र के परिजनों ने रेस्टोरेंट प्रबंधन पर भी सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। हेमा का कहना है कि रेस्टोरेंट के मालिक रोमी और सेंडी परिवार को मामले की स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे हैं। परिवार ने दूसरे मैनेजर हिमांशु बिष्ट पर भी आरोप लगाया है कि वह संबंधित युवकों का पक्ष ले रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि धर्मेंद्र के लापता होने के कई दिन बाद भी उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है कि मॉरीशस पुलिस ने मामले में क्या कार्रवाई की है और प्राथमिकी दर्ज हुई है या नहीं। परिवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्र सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर धर्मेंद्र की तलाश तेज कराने तथा सामने आए वीडियो और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री टम्टा ने विदेश मंत्रालय से किया संपर्क
मामले की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री और अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा ने विदेश मंत्रालय तथा मॉरीशस स्थित भारतीय उच्चायोग को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया है।
अजय टम्टा के अनुसार धर्मेंद्र के परिजनों ने उनसे संपर्क कर मॉरीशस में उसके लापता होने और परिस्थितियों की जानकारी दी थी। इसके बाद उनके कार्यालय ने विदेश मंत्रालय को आधिकारिक ईमेल और पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने नई दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा से भी बात की है और मामले की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने को कहा है। उनके अनुसार भारतीय विदेश मंत्रालय और मॉरीशस स्थित भारतीय उच्चायोग स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन के संपर्क में हैं।
उन्होंने कहा कि प्राथमिकता धर्मेंद्र बिष्ट की तलाश में किसी तरह की ढिलाई नहीं होने देना है। यदि मामले में आपराधिक साजिश या अन्य कोई आपराधिक पहलू सामने आता है तो उसकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा। केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

