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यह क्या…भारत के Gen-Z आंदोलन का बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से कनेक्शन! नेहा बोरा के वीडियो संदेश पर सियासी घमासान

 

 

भारत में Gen-Z आंदोलन को लेकर अब एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस आंदोलन का कनेक्शन बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से जोड़े जाने के बाद भाजपा ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। विवाद की शुरुआत ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के एक वीडियो संदेश से हुई है। बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए भेजे गए इस संदेश में नेहा बोरा ने भारत के Gen-Z आंदोलन को बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से प्रेरित बताया। उनके इस बयान को लेकर भाजपा ने विपक्ष की राजनीतिक मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।

 

भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा को राहुल गांधी की ‘पोस्टर गर्ल’ बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का विरोध केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करना चाहता है। भाजपा की इस प्रतिक्रिया के बाद छात्र आंदोलन, युवा राजनीति और विपक्ष की रणनीति को लेकर बहस तेज हो गई है।

 

**क्या है पूरे विवाद की वजह?**

 

दरअसल, बांग्लादेश के छात्र आंदोलन ने वहां की राजनीति और सत्ता के समीकरणों को प्रभावित किया था। अब भारत के Gen-Z आंदोलन को उसी आंदोलन से प्रेरित बताए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी तुलना और उसके निहितार्थों पर चर्चा शुरू हो गई है। नेहा बोरा के वीडियो संदेश को भाजपा ने इसी संदर्भ में उठाते हुए विपक्ष की सोच और उसकी राजनीतिक दिशा पर सवाल खड़े किए हैं।

 

इस विवाद का केंद्र यह है कि भारत में युवाओं के आंदोलनों को किस नजरिए से देखा जाए। जहां एक ओर छात्र संगठनों की ओर से विभिन्न मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी और आंदोलन की भूमिका सामने आती है, वहीं भाजपा ने बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से प्रेरणा लेने संबंधी बयान को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए विपक्ष पर हमला बोला है।

 

**राहुल गांधी और विपक्ष को लेकर भाजपा का हमला**

 

प्रदीप भंडारी की टिप्पणी ने इस विवाद को सीधे कांग्रेस और राहुल गांधी की राजनीति से जोड़ दिया है। नेहा बोरा को राहुल गांधी की ‘पोस्टर गर्ल’ बताकर उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की कि छात्र राजनीति में सामने आ रहे ऐसे विचारों को व्यापक विपक्षी राजनीति के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। हालांकि, विपक्ष की ओर से इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, इसकी पुष्टि के बिना भाजपा के दावे को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

 

**Gen-Z आंदोलन पर क्यों बढ़ी राजनीतिक बहस?**

 

Gen-Z यानी नई पीढ़ी के युवाओं की राजनीतिक भागीदारी, उनकी मांगें और विरोध के तरीके देश में लगातार चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में भारतीय युवा आंदोलनों की तुलना बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से किया जाना राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन गया है। खासकर तब, जब किसी छात्र संगठन की अध्यक्ष सार्वजनिक संदेश में इस तरह का संबंध स्थापित करती हैं और सत्तारूढ़ दल इसे विपक्ष की राजनीतिक मंशा से जोड़कर देखता है।

 

फिलहाल इस पूरे मामले में नेहा बोरा के बयान और उस पर भाजपा की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है। सवाल यह है कि भारतीय Gen-Z आंदोलन को बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से प्रेरित बताने के पीछे नेहा बोरा का आशय क्या था और भाजपा द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर विपक्ष की ओर से क्या जवाब आता है। इन सवालों के जवाब से ही विवाद की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।

 

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