अंतर्राष्ट्रीय
प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे में छाई उत्तराखंड की पहचान, ऐपण कला और उत्तराखंडी टोपी बनीं भारत की सांस्कृतिक दूत
प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे में छाई उत्तराखंड की पहचान, ऐपण कला और उत्तराखंडी टोपी बनीं भारत की सांस्कृतिक दूत
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत ने वैश्विक मंच पर विशेष पहचान बनाई। प्रधानमंत्री ने विदेशी नेताओं को भारत की विविध संस्कृति से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए, जिनमें उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला और उत्तराखंडी पहाड़ी टोपी सबसे अधिक चर्चा में रहीं। इन उपहारों ने न केवल उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारत की सांस्कृतिक ताकत उसकी विविधता में निहित है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को उत्तराखंड की प्रसिद्ध ऐपण कला पर आधारित भगवान शिव की पेंटिंग भेंट की। कुमाऊं अंचल की यह पारंपरिक लोक कला सदियों से महिलाओं द्वारा गेरू की पृष्ठभूमि पर चावल के घोल (बिस्वार) से बनाई जाती रही है। धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ अवसरों पर बनने वाली ऐपण कला को उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है। भगवान शिव की आकृति और पवित्र ज्यामितीय डिजाइन वाली यह पेंटिंग भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक बनी।
वहीं, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी टोपी भेंट की। ऊनी कपड़े से हाथ से तैयार की जाने वाली यह टोपी उत्तराखंड में सम्मान, आत्मीयता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक मानी जाती है। रंग-बिरंगे बुने हुए बॉर्डर वाली यह टोपी वर्षों से राज्य की विशिष्ट पहचान रही है। किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को इसे भेंट किया जाना उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने इस दौरे में केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों की कला और शिल्प को भी वैश्विक मंच तक पहुंचाया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को असम की दुर्लभ मनोहारी गोल्ड टी, कश्मीर का पेपर-मैशी बाउल और नक्काशीदार चांदी की सजावटी प्लेट भी भेंट की गई। वहीं इंडोनेशिया की संसद अध्यक्ष पुआन महारानी को ओडिशा की प्रसिद्ध इकत सिल्क साड़ी उपहार स्वरूप दी गई।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को भारत की प्रीमियम कॉफी का विशेष बॉक्स, हरिहरन और लेस्ली लुईस के प्रसिद्ध बैंड ‘कॉलोनियल कजन्स’ का विनाइल रिकॉर्ड तथा पारंपरिक ढोकरा कला से निर्मित नाव की पीतल की मूर्ति भेंट की गई। ये उपहार भारत की आधुनिकता और पारंपरिक कला के सुंदर समन्वय का प्रतीक बने।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री को उत्तराखंडी टोपी के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम द्वारा हस्ताक्षरित हॉकी स्टिक भी भेंट की गई, जो एफआईएच महिला नेशंस कप में भारतीय टीम की ऐतिहासिक सफलता की याद दिलाती है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह तीन देशों का दौरा 6 से 11 जुलाई तक चला, जिसमें रक्षा, व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन इन कूटनीतिक बैठकों के बीच भारतीय संस्कृति और विशेष रूप से उत्तराखंड की लोक विरासत को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाने वाले उपहारों ने अलग ही छाप छोड़ी।
उत्तराखंड की ऐपण कला और पारंपरिक पहाड़ी टोपी का दुनिया के प्रभावशाली नेताओं तक पहुंचना राज्य के कारीगरों, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक धरोहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह इस बात का भी संकेत है कि भारत अब अपनी कूटनीति में सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी माध्यम बनाकर दुनिया के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत कर रहा है। साभार अमर उजाला
